इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या में ट्रायल कोर्ट से मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए नाहर सिंह की अपील खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या में ट्रायल कोर्ट से मिली आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए नाहर सिंह की अपील खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दिया है। वाराणसी कचहरी जाते समय अक्तूबर 1981 में ग्राम भीखमपुर निवासी जुड़ावन सिंह की हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में मिर्जामुराद थाने में नाहर सिंह, महानारायन सिंह व अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी नाहर सिंह व महानारायन सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। अपील के लंबित रहने के दौरान महानारायन की मृत्यु होने के चलते उसकी अपील बंद कर दी गई। वहीं,नाहर सिंह की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दी।