फूलपुर ब्लॉक के परासिनपुर गांव की रहने वाली कल्पना पाठक बताती हैं कि साल 2019 में वह अपने गांव के समूह से जुड़ीं और 2024 में उनका चयन ड्रोन दीदी के रूप में हो गया। इसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। कल्पना के अनुसार, पहले घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना तो दूर घर खर्च चलाना भी मुश्किल था। हर छोटी जरूरत के लिए उन्हें अपने पति पर निर्भर रहना पड़ता था।
ड्रोन दीदी बनने के बाद वह अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रही हैं और घर का खर्च भी संभाल रही हैं। गांव के साथ आसपास के किसान भी अब उन्हें खेतों में कीटनाशक छिड़काव के लिए बुलाते हैं। इससे उन्हें हर महीने करीब 10 हजार रुपये की कमाई हो जाती है।
वहीं, बहरिया ब्लॉक के सितलपुर टिकरी गांव की रहने वाली शर्मिला यादव बताती हैं कि 2024 में ड्रोन दीदी के रूप में चयनित होने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया।शर्मिला बताती हैं कि ड्रोन दीदी बनने के बाद उनकी मासिक आय लगभग 11 हजार रुपये हो गई है। पहले वे बच्चों की स्कूल फीस समय पर नहीं भर पाती थीं, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
अपनी कमाई से उन्होंने घर बनवाने के साथ अपने लिए गहने भी बनवाए हैं। उनके पति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं, जिनकी आय से घर का सामान्य खर्च चलता है। वहीं शर्मिला अपनी कमाई से बच्चों की फीस और परिवार की बड़ी जरूरतों में सहयोग करती हैं।
जिले में कुल 17 ड्रोन दीदी हैं। ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के साथ किसानों को कम मजदूरी में खाद और कीटनाशक छिड़काव की सुविधा प्रदान करना है। - विराज सिंह, नमो ड्रोन दीदी योजना, जिला प्रबंधक
उद्देश्य
नमो ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्किल के साथ रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना, जससे समय और खर्च दोनों में की बचत हो सके।
एक नजर योजना पर
ड्रोन दीदी बनने के लिए महिला कम से कम 12वीं तक शिक्षित और अपने गांव के समूह से जुड़ी होनी चाहिए। साथ ही महिला की आंख की रोशनी ठीक होनी चाहिए और वह यात्रा करने में सक्षम हो। पात्र महिलाओं को समूह के माध्यम से भर्ती आने पर जानकारी दी जाती है। इच्छुक महिला का आवेदन स्वीकार होने के बाद इंटरव्यू होता है। इसमें पास होने के बाद 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कंपनी की तरफ से एक ड्रोन फ्री में दिया जाता है, जिससे महिला किसानों के खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर सकती है। ड्रोन दीदी योजना के तहत सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाता है। ड्रोन दीदी 600 रुपये प्रति एकड़ का शुल्क किसानों से कीटनाशक के छिड़काव के लिए लेती हैं।
ड्रोन दीदी के कार्य
ड्रोन दीदी खेतों में कीटनाशक और खाद का छिड़काव कम समय और कम मजदूरी में करती हैं।
कल्पना पाठक, फूलपुर- फोटो : samvad