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नई व्यवस्था : कोटे की दुकानाें के लिए भी लेना होगा लाइसेंस, खाद्यान्नों की होगी जांच

Wed, 13 Apr 2022 11:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

खाद्य सुरक्षा विभाग के दायरे में अब सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट संचालक ही नहीं होंगे। सभी तरह के खाद्यान्न एवं पेय पदार्थों के विक्रेताआें को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसी क्रम में शराब एवं कोटे की दुकान संचालकों के साथ मंडियों में पंजीकृत व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
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राशन कार्ड। - फोटो : file photo
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विस्तार
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सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकान के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से भी लाइसेंस लेना होगा। यह व्यवस्था मंडियों के दुकानदारों पर भी लागू होगी। इतना ही नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्यान्नों की नियमित जांच कर सकेगा। नई तथा पुराने सभी दुकानों को 30 जून तक नई व्यवस्था के दायरे में लाना है।

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खाद्य सुरक्षा विभाग के दायरे में अब सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट संचालक ही नहीं होंगे। सभी तरह के खाद्यान्न एवं पेय पदार्थों के विक्रेताआें को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसी क्रम में शराब एवं कोटे की दुकान संचालकों के साथ मंडियों में पंजीकृत व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। वार्षिक टर्नओवर के अनुसार दुकान संचालकों को लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा।


नई व्यवस्था में खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों के पास खाद्यान्नों की जांच का भी अधिकार होगा। यानी, विभाग के अफसर किसी भी समय संदिग्ध नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेज सकेंगे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश त्रिपाठी ने बताया कि अभियान चलाकर सभी दुकानदारों को पंजीकरण कराया या लाइसेंस जारी किया जाएगा।

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महीने भर बाद एक भी पंजीकरण नहीं
मंडियों में पंजीकृत तथा कोटे की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने का आदेश एक महीने पहले जारी हुआ था लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। आलम यह है कि अभी तक किसी दुकानदार ने पंजीकरण नहीं कराया है और न ही लाइसेंस लिया है।


बिक्री वाले आरओ वाटर की भी करा सकते हैं जांच
जिले में आरओ वाटर की बिक्री का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ज्यादातर मोहल्लों में आरओ वाटर प्लांट लगे हैं। खास यह कि इन पर निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। आरओ प्लांट के लिए किसी विभाग से अनुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पानी की जांच के लिए दबाव बना सकता है लेकिन खुद नमूने नहीं ले सकता और न ही किसी तरह की कार्रवाई का अधिकार है।
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