महीने भर बाद एक भी पंजीकरण नहीं
मंडियों में पंजीकृत तथा कोटे की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने का आदेश एक महीने पहले जारी हुआ था लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। आलम यह है कि अभी तक किसी दुकानदार ने पंजीकरण नहीं कराया है और न ही लाइसेंस लिया है।
बिक्री वाले आरओ वाटर की भी करा सकते हैं जांच
जिले में आरओ वाटर की बिक्री का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ज्यादातर मोहल्लों में आरओ वाटर प्लांट लगे हैं। खास यह कि इन पर निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। आरओ प्लांट के लिए किसी विभाग से अनुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पानी की जांच के लिए दबाव बना सकता है लेकिन खुद नमूने नहीं ले सकता और न ही किसी तरह की कार्रवाई का अधिकार है।