फतेहगंज पश्चिमी। गांव कुरतरा के जंगल में एक बार फिर तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। गांव के ही बब्लू दिवाकर और शांति दिवाकर ने रात में उसे देखने का दावा भी किया है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे रेंजर अमित कुमार ने पद चिह्न तेंदुए के होने की बात कही है।
गांव कुरतरा निवासी बब्लू दिवाकर फतेहगंज-शाही रोड के पास पश्चिम में अपने खेत पर मड़ैया डालकर रहते हैं। वह रात को भी अपनी गेहूं की फसल की रखवाली करते हैं। बताया कि रात करीब 11 बजे वह और उनके तहेरे भाई शांति प्रसाद दिवाकर खेत के चारों ओर घूम रहे थे। खेत से कुछ दूरी पर उन्हें किसी जानवर की चहलकदमी का अहसास हुआ। बब्लू दिवाकर ने चहलकदमी वाली दिशा में जब टार्च की रोशनी मारी तो तेंदुए की शक्ल के जानवर को देखकर उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। वह दोनों मड़ैया में आकर छिप गए। जब चहलकदमी का अहसास कम हुआ तो वह घर चले गए। सुबह को उन्होंने गांव के दाताराम दिवाकर, अमरनाथ कश्यप आदि को घटना के बारे में बताया। करीब दर्जन भर ग्रामीणों ने सत्यता जानने के लिए खेत पर जाकर देखा तो गांव के शंकरलाल गंगवार के गन्ना बोए गए खेत में पहले की तरह ही पदचिन्ह दिखे।
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी रेंजर अमित कुमार को दी। उन्होंने टीम के साथ खुद मौके पर आकर पदचिन्ह देखकर वह तेंदुए के होने की बात कही है। यहां बता दें की पिछले एक साल से तेंदुआ कुरतरा, अगरास, रबर फैकटरी के जंगल में घूम रहा है। ग्रामीणों की तमाम सूचनाओं को दरकिनार करते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने कार्यवाही नहीं की थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि उस तेंदुए की नेशनल हाईवे पर पिछले महीने किसी अज्ञात वाहन से टकराकर मौत हो गई थी। अगर इस वार भी वन विभाग नहीं चेता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।