इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लेखपाल मुख्य परीक्षा में एक सवाल का उत्तर विकल्प डी चुनने वाले अभ्यर्थियों को एक नंबर देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों ने विकल्प डी को चुना है, उसे भी सही माना जाए और उसे जोड़ते हुए परिणाम जारी किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने नितेश कुमार सिंह, श्रीधर यादव, रोविन अग्रवाल की ओर से दाखिल अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है।
याची रोबिन अग्रवाल की ओर से एडवोकेट सामर्थ सिन्हा ने अदालत के सामने पक्ष प्रस्तुत किया। याची की ओर से कहा गया कि वे उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की गई लेखपाल भर्ती में मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं। आयोग ने पिछले वर्ष मुख्य परीक्षा का आयोजन किया। उसकी उत्तर कुंजी भी जारी कर दी गई है।
इसी तरह याची नितेश कुमार सिंह यादव की ओर से कहा गया कि परीक्षा के लिए दी गई एफ सीरीज की बुकलेट के प्रश्न संख्या ६१, ७८, ८८, ९२ और ९३ के सवालों के दिए गए उत्तर विकल्प सही नहीं है। सही उत्तर दूसरे हैं। सरकारी अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि प्रश्न संख्या ६१, ९२ और ९३ पर हाईकोर्ट की एक अलग पीठ ने विचार कर याचिका को रद्द कर दिया है। अब केवल सवाल ७८ और ८८ को लेकर है। याचियों ने अपनी याचिका में दूसरे उत्तरों को सही विकल्प बताते हुए अंक दिए जाने की मांग की।