क्षेत्र के सांवड़ीह गांव समेत आसपास के कई मोहल्ले में पिछले पांच दिनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जल निगम की पेयजल पाइपलाइन में हुए लीकेज से सांवड़ीह, छेदी का पूरा, गुलहरिया और ललाइन का पूरा सहित करीब 1000 की आबादी प्यासी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम ने पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत के नाम पर पांच दिन पहले जलापूर्ति बंद कर दी थी लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नलों में पानी न आने से लोगों को हैंडपंपों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से पानी ढोकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहरा गया है। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।
गांव के कालू राम पटेल, सतीश कुमार, पृथ्वी पटेल, राम सजीवन, राजेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पांच दिन बीत जाने के बावजूद जल निगम लीकेज की मरम्मत नहीं करा सका है जिससे हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों में विभागीय उदासीनता को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे ब्लॉक मुख्यालय फूलपुर पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
टूटी पाइपलाइन की मरम्मत कराई गई थी। मंगलवार को दोबारा मरम्मत कराकर पानी आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।- अनुराग यादव, जेई, जल निगम।
मुख्यमंत्री पोर्टल से अफसरों तक गुहार बेअसर, बिजली संकट बरकरार
सांवडीह गांव का एक मोहल्ला पिछले पांच दिनों से बिजली संकट की मार झेल रहा है। 11 हजार वोल्ट का खंभा टूटने के बाद से बिजली आपूर्ति ठप है। मुख्यमंत्री पोर्टल से अफसरों तक गुहार के बाद भी बिजली संकट बरकरार है।
ग्रामीणों का कहना है कि पांच दिन पहले 11 हजार वोल्ट की लाइन का खंभा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। इसकी सूचना तत्काल अधिकारियों को दी गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही विभागीय अधिकारियों से भी कई बार संपर्क किया गया, मगर न तो नया पोल लगाया गया और न ही बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
ग्रामीण राम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विवेक कुमार, अवधेश कुमार आदि का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या से अंजान बने हुए हैं, जबकि गांव के लोग पांच दिनों से परेशान हैं। संवाद
खंभा उपलब्ध न होने के चलते अभी तक बदला नहीं जा सका था। मंगलवार को नया खंभा लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। - राम बदन राम, जेई विद्युत फूलपुर।
बिजली की समस्या को लेकर किया प्रदर्शन
अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज, जर्जर तार समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर लोगों ने मांडारोड पावरहाउस पर सोमवार को पावर हाउस का घेराव कर दिया। घेराव की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक मांडा अनिल वर्मा मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण अमित पांडेय, विक्की तिवारी, तौफीक राइन, विनोद द्विवेदी, उमेश पाल, विंध्यवासिनी यादव, डीपी त्रिपाठी आदि ने उपखंड अधिकारी अशोक कुमार को बिजली आपूर्ति से संबंधित 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उपखंड अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि लोगों ने ज्ञापन सौंपा है। जल्द ही समस्याओं के निदान का प्रयास कराया जाएगा।
फूलपुर के सांवडीह गांव के सामने 5 दिनों से पाइपलाइन मरम्मत के लिए खोदकर छोड़ा गया गड्ढा।