व्याख्यान को संबोधित करते डॉ. बसु
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. शेखर बसु ने कहा है कि बड़े शोधों के लिए देश के वैज्ञानिकों को आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। ताकि वैज्ञानिक अपने शोधों को पूरी ईमानदारी एवं निष्ठाके साथ देश हित में प्रस्तुत करें। डॉ. बसु ने यह बातें सोमवार को झूंसी के छतनाग गांव स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान में आयोजित व्याख्यान में रखीं। कहा कि भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का परमाणु ऊर्जा विभाग लगातार नई ऊंचाई प्राप्त कर रहा है। कार्यक्रम में देश के कई शोध संस्थानों से वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी जुटे।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा विभाग की उपलब्धियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ. बसु ने कहा कि परमाणु ऊर्जा विभाग विद्युत उत्पादन, चिकित्सा एवं कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। एक ओर जहां ऊर्जा की पूर्ति के लिए अनेक विद्युत संयंत्र स्थापित किए गए हैं। वहीं कृषि एवं चिकित्सा के क्षेत्र में भी रोज नए-नए शोध हो रहे हैं। बेहतर फसल और कृषि की उत्पादकता बढ़ाने को अब तक 42 प्रकार के कृषि बीजों को तैयार किया जा चुका है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने को कीटाणु रहित बीजों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ताकि लंबे समय तक फसल को खराब होने से बचाया जा सके। परमाणु ऊर्जा विभाग के वैज्ञानिक गंगा समेत विभिन्न नदियों के पानी को शुद्ध करने के लिए भी शोध कर रहे हैं। गंगा व अन्य नदियों की सफाई आधुनिक तकनीक से किए जाने पर भी कार्य चल रहा है।
देवघर स्थित शिव गंगा की स्वच्छता का भी प्रस्ताव विभाग को सौंपा गया है। विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम भी परमाणु ऊर्जा विभाग संचालित कर रहा है। इसके पहले डॉ. बसु ने हिक्स व्याख्यान हॉल का भी उद्घाटन किया। साथ ही संस्थान परिसर में पौधरोपण किया। एचआरआई के निदेशक प्रोफेसर जयंत कुमार भट्टाचार्य ने डॉ. बसु को स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस मौके पर संस्थान के रजिस्ट्रार रविंद्र सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर अशोक सेन, प्रोफेसर राज गांधी, प्रोफेसर सुमति राव, प्रोफेसर सीएम दलावत समेत समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।