होलिका दहन की पूर्व संध्या पर सोमवार को शहर को अर्रा तोड़ हास्य से सराबोर करने के लिए प्रयाग नागरिक सेवा संस्थान की ओर से पूरे भौकाल के साथ हथौड़ा बारात निकाली गई। लालटेन से आरती उतार कद्दू भंजन किया गया। केसर विद्यापीठ से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ‘21 तोपों’ की सलामी के बीच मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने राई नोन से नजर उतार और काजल लगा हथौड़े की बलैयां लेकर यात्रा की शुरुआत की। समारोह अध्यक्ष महापौर अभिलाषा गुप्ता ने लालटेन से आरती उतारी और महंगाई डायन खाए जात है का पुतला भंजन किया। हाथी, घोड़ा, डीजे बैंड, भांगड़ा और आतिशबाजी के साथ पूरे भौकाल से चलकर बारात आयोजन स्थल तक पहुंची।
इससे पूर्व मंडलायुक्त ने सीओ प्रथम रूपेश कुमार, अरविंद भार्गव, रेहान खान, बबलू, कई थानेदारों को कौमी एकता सम्मान और प्रशासनिक अधिकारियों, इलेक्ट्रानिक-प्रिंट मीडिया सदस्यों को गंगा जमुनी एकता सम्मान से नवाजा गया। संयोजक संजय सिंह ने एडीएम सिटी, शैलेंद्र, अभय अवस्थी, विनोद केसरवानी, गुरुचरन लाल अरोरा, विजय अरोरा, ओपी गुप्ता, रतन दीक्षित और सभी पार्षदों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बेबी टंडन, अमित केसरवानी, गोपी नाथ सराफ, इमरान खान, मोहनजी टंडन, चंद्र प्रकाश सोनी, ब्रजेश चौरसिया, मो. अकरम, अनूप केसरवानी आदि मौजूद रहे।
चेहरे-चेहरे पर लिखा रंगों का जनतंत्र
हथौड़ा बारात के पहुंचने पर फागुनी मस्ती में लबरेज हॉॅस्य कवि सम्मेलन में जुटे रचनाकारों ने सभी को खूब हंसाया, गुदगुदाया। वरिष्ठ कवि यश मालवीय ने सुनाया, होठों पर प्रस्तावना कनखी में षडयंत्र, चेहरे-चेहरे पर लिखा रंगों का जनतंत्र। श्रीरंग पांडेय ने सुनाया, भइया केवल हामी भरते, ताल मिलाते हैं, उनसे न पूछो कि कैसे ताल बिठाते हैं। संचालक डॉ.श्लेष गौतम ने ‘रंगों में डूब जाइये, होली मनाइये, हर गम को भूल जाइये होली मनाइये’ सुनाकर तालियां बटोरीं। इसी क्रम में कमलेश द्विवेदी, फरमूद इलाहाबादी, शैलेश मधुर ने अपनी रचनाओं से लोटपोट किया।