94 फीसदी अंकों के साथ पास की 12वीं की परीक्षा
चार दिन पहले सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला बीटेक छात्र लारैब हाशमी मेधावी है। उसने 12वीं की परीक्षा 94 व 10वीं की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से पास की। फिलहाल आसपास के और उसे करीब से जानने वाले लोग भी हैरान हैं कि उसने ऐसा कैसे किया।
सोरांव के हाजीगंज निवासी लारैब तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का है। उसकी बड़ी बहन सना की शादी हो चुकी है जबकि छोटा भाई गुलाम अभी पढ़ाई कर रहा है। पिता यूसुफ पहले एक फैक्ट्री में काम करते थे और बाद में उन्होंने गांव में ही पोल्ट्री फार्म खोल लिया। परिवार को बेहद करीब से जानने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लारैब ने शांतिपुरम स्थित गुरुकुल मांटेसरी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की।
भदोही में हुआ था जन्म
उसका जन्म भदोही स्थित ननिहाल में हुआ था और वह बेहद होनहार है। परिवार साधारण है और उनका कभी किसी विवाद से नाता नहीं रहा। इस घटना से पहले लारैब का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। वह ज्यादा घूमता फिरता नहीं था और स्कूल के बाद पढ़ाई ही करता था। परिवार वाले चाहते थे कि वह इंजीनियर बने और इसी को लेकर उसका दाखिला इंजीनियरिंग में कराया। पढ़ने में अच्छा होने के चलते ही उसे कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। बताया कि लारैब ने यह घटना कैसे कर दी, इसे लेकर वह भी हैरान हैं। आसपास रहने वाले लोगों ने भी इसी तरह की बातें बताईं। कहा कि उसका मोहल्ले में भी कभी किसी से विवाद नहीं हुआ।
मां-बाप व भाई गायब, घर में सिर्फ बुजुर्ग दादी
उधर घटना के बाद से लारैब के मां-बाप व भाई गायब हैं। घर में उसकी बुजुर्ग दादी जिनातुन निशा ही हैं। उम्र ज्यादा होने के चलते वह ज्यादा कुछ बता भी नहीं पाईं।