पूर्व सीएम कमलापति त्रिपाठीके परिजन भी शामिल
संस्था की बेशकीमती जमीनों को बेच दिया गया। मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्र में करोड़ों की जमीन की घपलेबाजी वर्षों की गई। वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज के कई नामचीन परिवारों के लोग जांच के दायरे में आए। मामले में सुबूत मिलने के बाद निबंधक सहकारी समिति ने समिति के सभी 42 सदस्यों के खिलाफ 15 जून 2021 को मड़िहान थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
नामजद लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के परिवार के लोगों के साथ ही हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज भी शामिल थे। इनके अलावा कई राजनीतिक परिवार के लोग भी नामजद किए गए थे। करोड़ों के इस घोटाले में बड़े बड़े नामों को देखते हुए पुलिस ने जांच से हाथ खड़े कर दिए। एक साल बीतने के बाद भी अब तक कुछ भी नहीं हुआ। शासन की पहल पर ईडी ने इसकी जांच अब अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया है।
प्रारंभिक जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही ईडी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर देगी। इस मामले में रिटायर्ड जज ने बताया कि वह इस संस्था के सदस्य जरूर हैं, लेकिन इसके संचालन में उनसे कोई मतलब नहीं। हो सकता है कि मेंबर होने के नाते रिपोर्ट दर्ज हुई हो। अभी तक उनके पास कोई अफसर पूछताछ के लिए नहीं आया। न ही उन्हें कोई सूचना दी गई।