prayagraj news : प्रयागराज माघ मेला की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
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पांटून पुलों के निर्माण के बिना भूमि आवंटन के काम में देरी हो सकती है। इसी वजह से मेला प्रशासन अभी तक भूमि आवंटन की तिथियां घोषित नहीं कर सका है। शनिवार को पांटून पुलों के निर्माण में तेजी आ गई, लेकिन कहा जा रहा है कि अगर इसी रफ्तार से काम होता रहा तो 23 दिसंबर से पहले गंगा पर पहला पांटून पुल बनकर तैयार नहीं हो सकेगा। सबसे पहले त्रिवेणी पांटून पुल का निर्माण पूरा कराए जाने की उम्मीद है। यह पुल बनने के बाद शंकराचार्यों के अलावा प्रमुख आध्यात्मिक संतों, महामंडलेश्वरों और खाक चौक संत समिति के खालसों के शिविर माघ मेला कार्यालय वाले सेक्टर-एक से जुड़ जाएंगे।
शनिवार को मेला प्रशासन ने पांटून पांटून पुल चकर्ड प्लेट मार्गों के निर्माण में भी तेजी आ गई। सेक्टर वाइज पांच पांटून पुलों के निर्माण में इस बार पांच सौ पीपे लगने की उम्मीद है। शाम तक पुल निर्माण के लिए 64 पीपे क्रेन के जरिए पहुंचा दिए गए। त्रिवेणी मार्ग पर पुल निर्माण के लिए पांटून गंगा में उतारे जाने लगे हैं। इसके अलावा महावीर, काली, गंगोली शिवाला और ओल्डजीटी पुलों के निर्माण के लिए पीपे पहुंचाए जाने लगे हैं।
देर से पांटून पुलों का निर्माण आरंभ होने की वजह से मेला प्रशासन शनिवार को भी भूमि आवंटन की तिथियां निर्धारित नहीं कर सका। मेला प्रशासन ने हफ्ते भर के भीतर एक पुल बनाकर हस्तांतरित करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं से कहा है, ताकि मेला क्षेत्र में आवागमन शुरू कराया जा सके। इस बीच अभियंताओं ने साफ कर दिया है कि पहला पांटून पुल 25 दिसंबर से पहले नहीं तैयार किया जा सकता है। महावीर और त्रिवेणी पुलों को सबसे पहले बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। कहा जा रहा है कि सबसे पहले त्रिवेणी पुल का निर्माण कराया जाएगा। ताकि मेला क्षेत्र को दोनों तरफ से जोड़ा जा सके।