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Prayagraj News: लाखों जरूरतमंद, फिर भी बिक नहीं बिक रहे पीडीए के फ्लैट

Sat, 23 Aug 2025 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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संगम नगरी में सिर पर छत की तलाश कर रहे लोगों की संख्या लाखों में है। किराये के मकानों और ग्रामीण अंचल में जिंदगी काट रहे हजारों परिवार शहर में अपने घर का सपना देख रहे हैं। इसके बाद भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार कराए गए 764 फ्लैटों में से 659 खाली पड़े हैं।
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दो माह की मशक्कत और प्रचार-प्रसार के बावजूद इन फ्लैटों के लिए सिर्फ 148 आवेदन ही आए। इनमें भी लॉटरी के जरिये 105 आवंटन ही हुए। हालांकि कई आवंटी अब पैसा वापस लेने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं।


लोगों की सबसे बड़ी शिकायत फ्लैटों की कीमत, लोकेशन और गुणवत्ता को लेकर है। शहर और आसपास के करीब 600 गांवों को पीडीए के अधिकार क्षेत्र में शामिल किए जाने के बावजूद पिछले 25 साल में कोई नई आवासीय योजना शुरू नहीं हुई। पुराने फ्लैटों की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। वहीं कई योजनाएं ऐसे इलाकों में हैं जहां बुनियादी सुविधाएं ही नहीं हैं।
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जमीन चाहिए, दीवारों में कैद घर नहीं
आवेदन कम आने की एक वजह यह है कि लोग आज भी फ्लैट के बजाय भूखंड या मकान लेना पसंद करते हैं। अध्यापक डॉ. वीना श्रीवास्तव, कारोबारी केदारनाथ तिवारी, किसान बृजराज चौरसिया आदि का मानना है कि फ्लैट खरीदने से न तो जमीन पर उनका मालिकाना हक होगा और न ही भविष्य में परिवार बढ़ने पर उसमें कोई बदलाव संभव होगा।

पीडीए की नौ योजनाओं में खाली पड़े फ्लैट

मौसम विहार में 92, यमुना विहार में 152, जाह्नवी अपार्टमेंट (नैनी) में 200, जागृति विहार में 179, मानस विहार में 16, सरस विहार में चार, आजाद अपार्टमेंट (नैनी) में दो, वसुधा विहार में 10 और डिवाइन अपार्टमेंट (झूंसी) में चार फ्लैट खाली पड़े हैं।


भविष्य की आवासीय योजनाओं पर संकट

लॉटरी से प्राधिकरण को करीब 39 करोड़ 25 लाख रुपये का राजस्व तो मिला लेकिन अगर खाली पड़े 659 फ्लैट नहीं बिके तो लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं डंप हो जाएंगी। इससे भविष्य में नई आवासीय योजनाओं पर भी संकट खड़ा होने की संभावना है।

लॉटरी से 105 फ्लैटों का आवंटन हुआ है। जल्द ही दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। दस प्रतिशत फ्लैटों की दर में कमी भी की गई है। फ्लैट मजबूत और मानक के हिसाब से बने हैं। जिनमें मरम्मत आदि की जरूरत है, वहां काम कराया जाएगा। - डॉ. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष पीडीए
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