दलिया, खीर, हलवा व दाल से करें शुरुआत
चिकित्सकों के मुताबिक बच्च्चों को छह माह पूरे होने के बाद धीरे-धीरे ठोस आहार देना शुरू करना चाहिए। दलिया, खीर, हलवा, दाल आदि से इसकी शुरुआत करनी चाहिए। बच्चे को कभी भी खाना जोर-जबरदस्ती से या मार-पीटकर नहीं खिलाना चाहिए। ऐसा करने से आपका लाडला खाने से और दूर भागेगा।
एनीमिया के लक्षण
1-बच्चों की त्वचा पीला पड़ना।
2-सुस्ती और कमजोरी होना।
3-भूख कम लगना या खाने में आनाकानी करना।
4-बच्चे का चिड़चिड़ा होना।
6-सांस लेने में परेशानी होना।
7-दिल की धड़कन तेज होना।
8-शरीर में सूजन।
9-सिर, लंबाई और वजन सामान्य रूप से न बढ़ना
फ्रूट पाउडर में केमिकल मिला होता है, इसलिए उसे कभी नहीं देना चाहिए। दाल के पानी की जगह बच्चे को दाल दें, अगर हो सके तो उसमें सब्जी जरूरी डालें। इसके अलावा दूध देने से बेहतर है कि उसे खीर दें। - डॉ.संतोष गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, डफरिन
बच्चों में एनीमिया के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उन्हें छह माह के बाद भी दूध पर निर्भर रखना या फिर फ्रूट पाउडर देना है। ऐसा करने पर बच्चे को स्वाद की समझ नहीं हो पाती है और वह दो से तीन साल तक दूध पर ही निर्भर रहता है। - डॉ.डी कुमार, सर्जन, चिल्ड्रेन हॉस्पिटल