कुंभ का अंतिम स्नानपर्व महाशिवरात्रि भी अबकी कई मायनों में खास है। देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना और उनका आशीष प्राप्त करने के लिए मनकामेश्वर, नागवासुकि, तक्षकेश्वर महादेव सहित शहर के अन्य शिव मंदिरों में खास तैयारियां की जा रही हैं। पर्व पर दर्शन-पूजन एवं जलाभिषेक केलिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगेंगी, ऐसे में मंदिर समितियों की ओर से प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। शिव मंदिरों में महारुद्राभिषेक, शिव सहस्रार्चन, शिवस्रोत के पाठ के लिए भी मंदिरों में पहले से बुकिंग कराई गई है।
पर्व करीब होने के कारण मंदिरों, शिवालयों की रंगाई-पुताई के साथ उसे बिजली की झालरों और फूलों से भी आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। अनेक शिवालयों में शिव भजनों पर आधारित रात्रि जागरण भी किया जाएगा। मनकामेश्वर के अतिरिक्त नागवासुकि मंदिर और तक्षकेश्वर मंदिर में भी जलाभिषेक, महारुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालु जुटेंगे। तक्षकतीर्थ के पीठाधीश्वर रविशंकर और नागवासुकि के मुख्य पुजारी श्यामधर त्रिपाठी के मुताबिक दर्शन के अतिरिक्त परिसर में महारुद्राभिषेक का क्रगम भी भोर से ही आरंभ होकर मध्य रात्रि तक जारी रहेगा।
तक्षकेश्वर में शिवभजनों पर आधारित जाप भी होगा। वहीं पड़िला महादेव, सोमेश्वर महादेव, शिवकोटि, अखिलेश्वर महादेव, जानसेनगंज स्थित दरवेश्वर महादेव मंदिर, ललिता पीठ में पारदेेश्वर महादेव, खुल्दाबाद शिवाला, कीडगंज, मुट्ठीगंज, दारागंज, कटरा, बलुआघाट, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के शिव मंदिर, पानी टंकी शिव मंदिर, हनुमत निकेतन के ज्योतिर्लिंगों पर भी जलाभिषेक और महारुद्राभिषेक का क्रम मंगला आरती से आरंभ होगा। कई मंदिर समितियों सहित समाजसेवी संस्थाओं की ओर से समष्टि भंडारे भी होंगे।