पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश से मौसम की उठापटक शुरू हो गई है। मंगलवार देर रात तेज आंधी से कुंभ मेला क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। आंधी की वजह से कई छोटे-मोटे तंबू भी उखड़ गए। गरज-चमक के साथ कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अगले 48 घंटे में बारिश के आसार हैं। कड़ाके की ठंड के बाद अचानक बढ़ा सूरज का ताप मौसम में बदलाव का कारण बना है। सोमवार के मुकाबले अधिकतम तापमान करीब एक डिग्री लुढ़ककर 26.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं बदरी छाए रहने से न्यूनतम तापमान तेजी से ऊपर की ओर चढ़ा। सोमवार को 7.5 डिग्री के मुकाबले मंगलवार को नीचे का पारा 13.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली में पश्चिमी चक्रवात के प्रभाव से हुई झमाझम बारिश के बाद यहां भटककर आए बादल बारिश का कारण बनेंगे। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश की चेतावनी जारी की है।मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक दिन और रात के तापमान में अचानक बढ़ा अंतर बादलों के जमे रहने के लिए मुफीद है। ऐसे में शीतोष्ण चक्रवात बारिश का कारण बनता है। वातावरण में असंतुलित आद्र्रता ऊष्मीय कारक और पश्चिमी विक्षोभ के गठजोड़ से गरज चमक के साथ बारिश करा सकता है। उन्होंने बताया अगले दो दिन तक बारिश के आसार बने हैं। इसके बाद कड़ाके की ठंड का एक झोंका सताएगा।
बारिश हुई, कुंभ मेले में बढ़़ेगी परेशानी
बूंदाबांदी तक तो ठीक रहा। बादलों का डेरा जमाए रहना बारिश की संभावनाओं को बढ़ा रहा है। जानकार बताते हैं कि मेला अवधि में बारिश अव्यवस्था का कारण बनेगी। तेज बारिश हुई तो तंबुओं से पानी टपकेगा और जलजमाव श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत का कारण बनेगा। हालांकि मेला प्रशासन में मंगलवार देर रात बैठक कर बारिश से होने वाली दिक्कतों पर विचार किया। जन सुविधाओं से जुड़े विभागों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।