अरैल साइड में ही टेंट सिटी का निर्माण होगा। टेंट सिटी के लिए पहली बार टेंट सिटी पांटून पुल बनेगा। मोरी पांटून पुल, हरिश्चंद्र पांटून, भरद्वाज पांटून पुल, गंगेश्वर पांटून पुल, वल्लभाचार्य पांटून पुल, बजरंगजास पांटून पुल, कैलाशपुरी पांटून पुल बनाए जाएंगे। भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए तीन अतिरिक्त पांटून पुल बनेंगे। इसी तरह चकर्ड प्लेट मार्गों के भा नामकरण कर लिए गए हैं।
संगम लोवर मार्ग के अलावा मुक्ति मार्ग, हर्षवर्धन मार्ग, शंकराचार्य मार्ग, तुलसी मार्ग, गोविंद मार्ग, अन्नपूर्णा मार्ग, वेणी माधव, बिंदु माधव, आदि माधव, शंख माधव, पद्म माधव, गदा माधव के नाम से भी मार्ग बनाए जाएंगे। पहली बार महाकुंभ में सोमेश्वर माधव मार्ग बनेगा। संकष्टहरण मार्ग, मनकामेश्वर, नारायण प्रभु, सरस्वती मार्ग, अलोपशंकरी मार्ग भी बनाए जाएंगे।
महाकुंभ के पांटून पुलों और चकर्ड प्लेट मार्गों के लिए पहले 644 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन अब इसे संशोधित करते हुए 483 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के कुंभ मेला डिवीजन की ओर से इस संशोधित प्रस्ताव को शासन को भेज दिया गया है।
43 सड़कों के चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव
महाकुंभ -2025 के मद्देनजर 43 सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन सड़कों पर 458 करोड़ रुपये खर्च का अनुमानित बजट रखा है।