विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी एक टीम बनाई गई है। यह टीम अलग-अलग समय पर पहुंचकर संतों को धर्म संसद के माध्यम से भाजपा के प्रति माहौल बनाने की कोशिश में जुटी है। जिससे सरकार के दिव्य कुंभ, भव्य कुंभ की कोशिश रंग ला सके। यही वजह है कि संतों को मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दे रही है।
सरकार का रुख मंदिर के पक्ष में नहीं
2009 में हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंदगिरी ने मंगलवार को अपने शिविर में आयोजित बैठक में कहा कि केंद्र सरकार का रुख अयोध्या में मंदिर निर्माण के पक्ष में नही है। यदि सरकार चाहती तो श्रद्धालुओं की उपेक्षा नहीं होने देती। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के पास ऐसा वक्त आया है, इसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम का भव्य मंदिर बने, इसे लेकर लंबे समय से जनआंदोलन चल रहा है, यही वक्त है जब सरकार को कड़ा फैसला लेना चाहिए।