अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी से मिलने पहुंचे श्रीश्री
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मसले पर धर्म संसद का विरोध करने वाले अखाड़ा परिषद को मनाने पहुंचे श्रीश्री रविशंकर ने परिषद के पदाधिकारियों से कई दौर की वार्ता की। बताया जा रहा है कि श्रीश्री और अखाड़ों के बीच अयोध्या में विवादित जमीन पर मुस्लिम पक्षकरों से अपना पक्ष वापस लेने के संबंध में बनाई जा रही रणनीति पर चर्चा हुई।
मजे की बात यह है कि इस पूरे प्रकरण से संघ और विश्व हिंदू परिषद को अलग रखा गया है। बताया जा रहा है कि अखाड़ा परिषद सीधे मोदी और अमित शाह के सपंर्क में है। चर्चा है कि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री को मोदी और अमित शाह की तरफ से अखाड़ों की नाराजगी दूर करने और मंदिर निर्माण के साथ 2019 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनाने में उनका साथ देने के लिए भेजा है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के शिविर पहुंचे श्रीश्री ने करीब एक घंटे तक वार्ता किया। बाद में अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने बताया कि श्रीश्री से अयोध्या में मंदिर निर्माण और दूसरे पक्षकार को अपना पक्ष वापस लेने के संबंध में वार्ता हुईै है। उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद इस मामले में काफी गंभीरता के साथ केंद्र सरकार से जुड़ा हैं।
इससे पहले श्रीश्री अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि से भी दो बार मिलने गए लेकिन किसी वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। हरिगिरि ने बताया कि रविशंकर का फोन आया था, उनसे मंदिर मसले पर वार्ता होनी है।
हरिगिरि ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, विहिप के वश का नहीं है। अखाड़ा परिषद इसके लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। हरिगिरि ने बताया कि अखाड़ों के साथ देश भर के संत भी मंदिर की रणनीति में उनके साथ रहेंगे।