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निर्मोही अनी अखाड़े ने माधवदास को बनाया महामंडलेश्वर, चादरपोशी में शामिल हुए तीनों अनी अखाड़े

Mon, 11 Feb 2019 09:43 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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madhav das maha mandleshwar
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श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े ने सोमवार को गंगेश्वर सेवा सदन आश्रम, उत्तर काशी के संत माधवदास महात्यागी को महामंडलेश्वर की पदवी दी। चादरपोशी समारोह में तीनों अनी अखाड़े के पदाधिकारी एवं श्रीमंहत शामिल हुए। महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद उपस्थित संतों ने मााधवदास को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।

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निर्मोही अनी अखाड़ा छवानी में सामारोह पूर्वक चादरपोशी कार्यक्रम हुआ। अखाड़े की परंपरा के मुताबिक धर्मध्वाजा के नीचे धार्मिक कर्मकांडों के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। सबसे पहले निर्मोही अनी अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने माधवदास को महामंडलेश्वर बनाए जाने की सूचना दी, जिसकी संतों ने जयकारों के संग संपुष्टि की। इसके बाद चादरपोशी आरंभ हुई।

निर्मोही अनी के कार्यवाहक श्रीमहंत रामजी दास महाराज, सचिव नरेंद्रदास, भगवानदास, महेश दास ने चादर ओढ़ाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इसके बाद क्रम से दूसरे अनी अखाड़ों के पदाािधकारियों ने भी उनको चादर ओढ़ाकर उनके महामंडलेश्वर बनाए जाने पर अपनी सहमति जताई। धर्म के जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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दिगंबर अनी में हुआ रामचरणदास का पट्टाभिषेक

आखिर में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान महेश दास महाराज, जगन्नाथ मंदिर के श्रीमहंत दिलीप दास महाराज, महेंद्र भाई झा समेत अनी अखाड़ों से जुड़े अन्य साधु-संतों के अलावा जूना अखाड़ा के ब्रह्मïगिरि महाराज भी शामिल हुए। 

श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़े में हंसपीठाधीश्वर रामचरणदास महाराज का धार्मिक कर्मकांडों के साथ पट्टाभिषेक हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच चतुसंप्रदाय एवं अनी अखाड़ों की मौजूदगी में समारोह आरंभ हुआ। पूजन के बाद उनका अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने माला पहनाकर स्वागत किया।

इस दौरान दिगंबर अनी के श्रीमहंत कृष्णदास, श्रीमहंत वैष्णवदास, श्रीमहंत रामकिशोर शास्त्री, सचिव श्रीमहंत शिवशंकर दास, श्रीमहंत बलरामदास, निर्वाणी अनी के गौरीशंकर, श्रीमहंत नरेंद्र दास, श्रीमहंत विजयरामदास, महेशदास महाराज समेत बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित थे। सनातन धर्म के जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।  
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