कुंभ मेला में डेढ़ फीट के बावन बाबा भक्तों के लिए आस्था का केन्द्र बने हुए हैं। इन्हें देखकर बड़े ही भावुकता के साथ इनके दर्शन और आशीर्वाद ले रहे हैं। बाबा इन पर हाथ फेर बड़े ही भाव के साथ अपनी कृपा बरसा रहे हैं। कुंभ के सेक्टर 15 जूना अखाड़ा में बसे डेढ़ फीट यानि 18 इंच के बावन बाबा उर्फ संत कुमार पाठक मूल रूप से झांसी रहने वाले हैं। ये जिले के आश्रम मनियर परशुराम के संत गंगानंद गिरी के सानिध्य में आए। यहीं से इनके सन्यास जीवन की शुरुआत हुई।
वे हरिद्वार में पूर्ण गृहस्थ जीवन से विरत हो गये और यहीं जूना अखाड़ों के बाबाओं के साथ आए। इसके बाद हर कुंभ में जूना अखाड़े के साथ आने लगे। बावन बाबा कहना है कि माता-पिता के देहावसान हो जाने के बाद गृहस्थ जीवन का त्याग कर दिया। हांलाकि परिवार में चार भाई हैं। इनमें सबसे छोटा मैं हूं। दूसरी बार कुंभ स्नान के लिए आ रहा हूं। इसके बाद अखाड़ों के बाबाओं के साथ अन्य मेले में जाउंगा।
बावन बाबा की सेवा और देखरेख का जिम्मा बलिया के उमेश का है। वह करीब पांच वर्षो से इनकी सेवा कर रहा है। इसका कहना है कि लंबाई होने कारण बाबा उठते नहीं है। इस कारण इनकी ऊंचाई मात्र 18 इंच की नापी जाती है। लंबाई अत्यधिक छोटी होने के चलते श्रद्धालु बावन भगवान का रूप देखकर श्रद्धालु दर्शन करतें और इच्छानुसार चढ़ावा चढ़ाते हैं।