विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम कुम्भ मेले के पांचवे प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक अनुमानित 80 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि मंगलवार को रात्रि 12 बजे से ही स्नान जारी है और दोपहर 12 बजे तक अनुमानित 80 लाख लोगों ने संगम और गंगा में डुबकी लगाई है।
एक बुजुर्ग साधु ने बताया, ‘‘आमतौर पर कल्पवासियों से तात्पर्य प्रयाग कुंभ मेले में आने वाले आस्थावान श्रद्धालुओं से होता है। वे एक महीने तक गंगा के तट पर रह कर, बेहद कठोर नियमों के साथ जीवन जीने का संकल्प लेते हैं।’’ उन्होंने बताया, ‘‘आज के दिन पवित्र स्नान करने के बाद वे अपने अपने घर वापस लौट जाएंगे।’’ मान्यता है कि पौष पूर्णिमा की तरह माघी पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।
मेले का अंतिम स्नान महाशिवरात्रि आगामी 4 मार्च को पड़ेगा और इसके साथ कुम्भ मेला संपन्न हो जाएगा। स्नानार्थियों के लिए मेला क्षेत्र में सुरक्षा की प्रर्याप्त व्यवस्था की गई है। पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान लगातार चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि माघी पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवासियों का माह भर का कल्पवास समाप्त हो जाएगा और शाम से उनका मेले से प्रस्थान प्रारंभ हो जाएगा। कुम्भ मेले में करीब 10 लाख लोग कल्पवास कर रहे हैं। मेलाधिकारी ने कहा कि अभी मेला के लिए पर्याप्त फोर्स है।
मेला क्षेत्र में 96 कन्ट्रोल वाच टॉवर स्थापित हैं। इसके साथ मेला क्षेत्र में 440 सी.सी. टी.वी. कैमरों की मदद से निरन्तर निगरानी की जा रही है। कुम्भ मेला के लिए डीआईजी के पी सिंह ने कहा कि मेला प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को स्नान के बाद सुरक्षित उनके गंतव्य प्रस्थान की सुविधा देना है। दूर दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए कई मेला विशेष ट्रेनों के साथ ही राज्य परिवहन निगम ने अलग-अलग दिशाओं में रोडवेज की बसों का संचालन शुरू किया है।