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कविताओं संग कुमार ने की संगम की जलपरिक्रमा

Mon, 08 Feb 2021 01:33 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : कुमार विश्वास - फोटो : prayagraj
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कवि डॉ.कुमार विश्वास ने रविवार को संगमनगरी से जुड़ी यादें ताजा कीं। एक कार्यक्रम के सिलसिले में शहर आए कुमार ने संगम पहुंचकर कुमार ने गंगा को नमन करने के बाद आचमन किया। फिर मोटरबोट से ही जलपरिक्रमा भी की। साथ गए नीलोत्पल मृणाल, डॉ.श्लेष गौतम, डॉ. प्रकाश खेतान आदि केसंग गंगा की महिमा बखानी। बोले, गंगा तो भारत की सांस्कृतिक रेखा है। इस दौरान कुमार ने अपने गीत ‘गंगा का किनारा हो’ का सस्वर पाठ भी किया। डॉ.श्लेष गौतम ने भी गंगा गीत सुनाया।
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वापसी में कुमार, गीतकार यश मालवीय के मेहंदौरी स्थित आवास पहुंचे तो जैसे यादों का पिटारा खुल गया। कुमार ने कैलाश गौतम के दोहे, जब से आया मुंबई तब से नींद हराम,चौपाटी तुमसे भली लोकनाथ की शाम से शुरुआत करते हुए बाबा नागार्जुन, रमेश रंजक,़डॉ.राजेंद्र कुमारी वाजपेयी तक को याद किया।

कुमार के अतिरिक्त यश मालवीय, नीलोत्पल मृणाल,अंशु मालवीय, डॉ.श्लेष गौतम ने भी अपनी कविताएं और दोहे पढ़े। प्रो.हेरंब चतुर्वेदी एवं प्रो.अनीता गोपेश ने डॉ.कुमार विश्वास को अपनी पुस्तकें भेंट कीं तो आरती मालवीय एवं आभा पांडेय ने लोकगीतों से समा बांधा। इस दौरान विवेक प्रियदर्शन, अमन वर्मा, डॉ.मृत्युंजय राव, पीयूष मिश्रा, नितिन संदीप उत्कर्ष भी कुमार को बड़े गौर से सुनते रहे।

‘नई सदी को पढ़ो कबीरा’ को सराहा

चर्चा के दौरान कुमार ने श्लेष गौतम के कविता संग्रह ‘नई सदी को पढ़ो कबीरा’ को पढ़ा और सराहा। कहा, संग्रह की कविताएं मौजूदा वक्त की जरूरत हैं।ममता कालिया, प्रो.अशोक चक्त्रस्धर, यश मालवीय, डा. बुद्धिनाथ मिश्रा ने इसकी भूमिका लिखी है।

‘जिजीविषा’, कोरोनानामा का लोकार्पण भी

कुमार ने रचनाकार अमन वर्मा की पुस्तक ‘जिजीविषा’ और बुजुर्गों के कल्याण के लिए समर्पित  दादीदादा फॉउंडेशन की ओर से प्रकाशित अमित राजपूत की पुस्तक ‘कोरोनानामा बुजुर्गों की अनकही दास्तान के मुखपृष्ठ का अनावरण भी किया।
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