कोरांव के निश्चिंतपुर गांव में चार दिन पहले हुए तिहरे हत्याकांड में आखिरकार कार्रवाई हुई। शनिवार को कोरांव इंस्पेक्टर राकेश कुमार जायसवाल सस्पेंड कर दिए गए, जबकि सीओ मेेजा नवीन कुमार नायक को भी हटा दिया गया है। उधर, मामले में फरार नौ आरोपियों का चौथे दिन भी पता नहीं चल सका। पुलिस अफसरों का कहना है कि उनकी तलाश की जा रही है।
निश्चिंतपुर गांव में 20 मई को सनसनीखेज वारदात में जमीन के विवाद में तीन सगे भाइयों इंद्रबहादुर, रामजी सिंह व रविंद्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना को कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि लखनपुर गांव में योगेंद्र प्रताप सिंह को भी पीट-पीटकर मार डाला गया। एक दिन में चार हत्याओं से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे।
निश्चिंपुर तिहरे हत्याकांड में यह भी बात सामने आई कि करीब लॉकडाउन से पहले विवादित जमीन में जोताई शुरू होने से पहले ही एक मृतक रामजी सिंह ने पुलिस को सूचना देकर अपने व परिवार को जान का खतरा बताया था। इसके बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उधर, लखनपुर मामले में आगजनी की वारदात में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
नतीजतन आक्रोशित लोगों ने एक आरोपी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। लखनपुर मामले में चौकी प्रभारी पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था। शनिवार को इंस्पेक्टर राकेश जायसवाल को भी सस्पेंड कर दिया गया। इससे पहले देर रात सीओ नवीन कुमार नायक को भी हटाकर एसएसपी कार्यालय में तैनात कर दिया गया। बता दें कि मेजा सर्किल के ही मांडा क्षेत्र में सात मई को तिहरे हत्याकांड में दंपति व बेटी की हत्या कर दी गई थी। दो हफ्ते भी नहीं बीते थे कि कोरांव में एक दिन में चार हत्याआें से सनसनी फैल गई।