एसआरएन अस्पताल में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।
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बेली-कॉल्विन और डफरिन में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
प्रयागराज। संगमनगरी में शनिवार को इलाज के लिए मरीजों को दर-दर भटकना पड़ा। मोती लाल नेहरू मंडलीय कॉल्विन अस्पताल, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली, जिला महिला अस्पताल डफरिन के अलावा जिले के सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
450 से अधिक डेंटल क्लीनिक, होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में भी ओपीडी बंद
एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के 450 से अधिक डेंटल क्लीनिक बंद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च में हिस्सा लिया। लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, फाफामऊ के रेजीडेंट डॉक्टरों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। कमला नेहरू इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखी।
एसआरएन से सुभाष चौराहा तक निकाला कैंडल मार्च
कोलकाता में हुई घटना के विरोध में एएमए की अगुवाई में एसआरएन अस्पताल परिसर से सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च में एएमए के पदाधिकारी, रेजिडेंट डॉक्टर, इंडियन डेंटल एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य संगठनों से जुड़े डॉक्टर शामिल हुए।
इस अवसर पर मृत डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी गई। मार्च में एएमए के अध्यक्ष डॉ. कमल सिंह, एएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुबोध जैन, सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. सुजीत वर्मा, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. चित्रा, डॉ. विनीता, डॉ. मोना दुबे, डॉ. कंचन, डॉ. संतोष सिंह और डॉ. अभिनव टंडन मौजूद रहे।