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Kolkata Doctor Case : डॉक्टरों की हड़ताल से हलाकान हुए लोग, अस्पतालों में भर्ती नहीं किए गए मरीज

Sat, 17 Aug 2024 06:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोलकाता में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में एसआरएन अस्पताल में चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद शनिवार को जिले के सभी प्रमुख निजी चिकित्सालयों में भी हड़ताल रही। इसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 
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कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।। - फोटो : अमर उजाला।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर के साथ से हुई दरिंदगी के विरोध में शनिवार को संगमनगरी में चिकित्सा सेवा पूरी तरह ठप रही। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और एसआरएन में ओपीडी पूरी तरह बंद रही। निजी अस्पतालों से भी मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने विरोध जताया।

महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हुई हत्या से आक्रोशित रेजिडेंट डॉक्टरों ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के बैनर तले अपनी आवाज बुलंद की। एएमए के आह्वान पर एसआरएन के साथ एएमए से संबद्ध अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा के अलावा नियमित जांच, इलाज और ऑपरेशन तक ठप रहा। एएमए के साथ इंडियन डेंटल एसोसिशन, लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज फाफामऊ, इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया से जुड़ी क्लीनिक में ओपीडी ठप रही।











एसआरएन अस्पताल के जिन विभागों की ओपीडी में कतारें लगी रहती थीं, वहां पूरी तरह सन्नाटा रहा। ओपीडी में इलाज के साथ जांच भी प्रभावित रहीं। ओपीडी में भी मरीजों को कोई जांच नहीं लिखी गई। केंद्रीय पैथोलॉजी में ताला लगा रहा।

वहीं, पीएमएसएसवाई बिल्डिंग के यूजर चार्जेज काउंटर और कर्मचारी काउंटर पर काम ठप होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। जिन मरीजों की जांच पहले हो गई थी वह रिपोर्ट लेने के लिए आते रहे। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की सक्रिय सहभागिता रही।

डॉक्टरों के आंदोलन को देखते हुए एसआरएन में कई थानों की पुलिस और पीएससी तैनात रही। पीएएसी के जवान डॉक्टरों के धरनास्थल, ओपीडी, ट्रामा सेंटर, पर्ची बनने वाले कक्ष और कई वार्डों के सामने तैनात रहे। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी और लेबर रूम में निजी सुरक्षा गार्ड तैनात रहे।
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एसआरएन अस्पताल में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला।
बेली-कॉल्विन और डफरिन में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

प्रयागराज। संगमनगरी में शनिवार को इलाज के लिए मरीजों को दर-दर भटकना पड़ा। मोती लाल नेहरू मंडलीय कॉल्विन अस्पताल, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली, जिला महिला अस्पताल डफरिन के अलावा जिले के सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। 

450 से अधिक डेंटल क्लीनिक, होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में भी ओपीडी बंद

एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के 450 से अधिक डेंटल क्लीनिक बंद रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च में हिस्सा लिया। लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, फाफामऊ के रेजीडेंट डॉक्टरों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। कमला नेहरू इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखी।

एसआरएन से सुभाष चौराहा तक निकाला कैंडल मार्च

कोलकाता में हुई घटना के विरोध में एएमए की अगुवाई में एसआरएन अस्पताल परिसर से सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च में एएमए के पदाधिकारी, रेजिडेंट डॉक्टर, इंडियन डेंटल एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य संगठनों से जुड़े डॉक्टर शामिल हुए।

इस अवसर पर मृत डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी गई। मार्च में एएमए के अध्यक्ष डॉ. कमल सिंह, एएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुबोध जैन, सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. सुजीत वर्मा, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. चित्रा, डॉ. विनीता, डॉ. मोना दुबे, डॉ. कंचन, डॉ. संतोष सिंह और डॉ. अभिनव टंडन मौजूद रहे।
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कोलकाता की घटना को लेकर कैंडल मार्च निकालते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।
महिला चिकित्सक की हत्या के विरोध में व्यापारियों ने किया पैदल मार्च

कोलकाता की महिला चिकित्सक की हत्या के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने कैंडल लेकर पैदल मार्च किया। तमाम व्यापारिक संगठन से जुड़े लोगों ने पैदल मार्च निकालने के पूर्व कोलकाता में हुई इस वारदात की निंदा की। यह भी कहा कि घटना के लिए दोषी अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

केंद्रीय व्यापार मंडल, सिविल लाइंस व्यापार मंडल, प्रयागराज ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन, सराफा व्यापार मंडल आदि व्यापारिक संगठनों से जुड़े व्यापारियों ने महिला चिकित्सक की हत्या करने वाले दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। केंद्रीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने कहा कि हमारी बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर बनकर समाज की उन्नति के लिए कार्य कर रही हैं, लेकिन अगर वही सुरक्षित नहीं है तो वह समाज के लिए कलंक है। सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि महिला जननी है।

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कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।
उसकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। विशाल कनौजिया ने कहा कि चिकित्सक के साथ कृत्य करने वालों का हम लोग घोर विरोध करते हैं। इस दौरान आशीष अरोड़ा, शेख डाबर वकील, डा. सुभाष यादव, शशांक जैन, सरदार रणवीर सिंह , रितेश सिंह, पीयूष रंजन अग्रवाल, डॉक्टर सुभाष यादव, मोहित चोपड़ा, विवेक जायसवाल आदि मौजूद रहे। व्यापारियों ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के मार्च में भी शिरकत की।
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कोलकाता की घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।
इसी क्रम में प्रयागराज व्यापार मंडल के चेयरमैन मनीष कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष सुशांत केसरवानी, बनारसी साहू, मुदित खत्री, राजीव तिवारी भी चिकित्सकों द्वारा निकाले गए कैंडल मार्च में शामिल हुए। वहीं इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला चिकित्सक की हत्या को जघन्य अपराध बताया। बैठक में कहा गया कि आरोपी लोगों को सख्त से सख्त सजा मिले। बैठक में शिव कुमार वैश्य, प्रमिल केसरवानी, राज कुमार सभानी, रमेश चंद्र केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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