गौहनिया बाईपास पर रविवार की रात एक युवक की हत्या कर दी गई। परिजनों और गांव वालों को पता चला तो रीवा राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया गया। पुलिस वालों ने समझा बुझाकर उन्हें शांत किया। ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। छह को नामजद कर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामला सड़क हादसे का लग रहा है। पोस्टमार्टम से साफ हो जाएगा कि मौत कैसे हुई।
कांटी गांव निवासी अनिल सोनकर पुत्र मानिक चंद्र सोनकर ने गांव के मुख्य सड़क पर एक क्लीनिक खोल रखी थी। उसने पिछले साल18 मई को गांव की स्वजातीय लड़की सावित्री से प्रेम विवाह कर लिया था। रविवार को अनिल सोनकर ने रात 8.30 पर फोन से घर पर बात किया तथा 9.00 बजे अपने दोस्त शिवसागर भारतीय पुत्र संगम लाल की गाड़ी लेकर गौहनिया दवा खरीदने के लिए चला गया। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला तथा फोन भी स्विच ऑफ हो गया। रात में घरवाले उसे ढूंढने निकले, मगर उसका कहीं पता नहीं चला तो अनिल सोनकर के भाई रमेश रात 1.50 पर अनिल की गुमशुदगी की लिखित सूचना घूरपुर थाने में दी गई। सोमवार की सुबह घूरपुर पुलिस को गौहनिया बाईपास पर एक लाश मिलने की सूचना मिली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर घरवालों को गौहनिया बाईपास पर शव मिलने की सूचना मिलती है, तो जब तक वह घटनास्थल पर पहुंचते हैं। वहां से शव पुलिस ले जा चुकी थी। अनिल के घरवालों ने थाने पर हंगामा करना शुरू कर दिया। उसी समय उन्हें शव की फोटो दिखाई गई तो उन लोगों ने मृतक की पहचान अनिल सोनकर के रूप में की। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि गुमशुदगी की सूचना के बाद भी पुलिस ने आनन-फानन में शव को बिना शिनाख्त कराए पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हंगामे के बाद पुलिस ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ हत्या तथा अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पोस्टमार्टम के बाद जब अनिल का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने रीवा राजमार्ग पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। काफी समझाने बुझाने और सीओ के आश्वासन के बाद वे माने और शव को अंत्येष्टि के लिए ले गए।