Prayagraj News : छात्र की हत्या के बाद शव की खोजबीन करती पुलिस।
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पुलिस के पूछने पर परिजनों ने कहा था- इन पर नहीं कर सकते शक
सूत्रों का कहना है कि मामले में विकास की ओर से दिखाई जा रही अति सक्रियता को लेकर पुलिस को उस पर भी शक हुआ था, लेकिन इस बारे में पूछने पर परिजनों ने साफ मना कर दिया था। उनका कहना था कि विकास उनके परिवार जैसा है। ऐसे में उस पर कैसे शक कर सकते हैं। मासूम को अगवा कर मौत के घाट उतारने से कुछ देर पहले भी विकास उसके घर गया था। दरअसल उस दिन बच्चे के घर में बाटी-चोखा बना था। ऐसे में बच्चे के पिता राजेश ने उसे भी बुलाया था। वह पहुंचा भी लेकिन जरूरी काम होने की बात कहते हुए वहां से कुछ देर बाद ही निकल गया था।
10 लाख रुपये मांगने का था प्लान
पूछताछ में विकास ने पुलिस को बताया कि उसकी योजना नमन के पिता से 10 लाख रुपये मांगने की थी। उसने रुपयों का ही लालच देकर संजू को अपने साथ शामिल किया था। विकास एक शिक्षिका की कार चलाता था जबकि संजू फास्टफूड का ठेला लगता है। दोनों पहले मिलकर नैनी में मामा भांजा तालाब पर फास्ट फूड की दुकान चलाते थे। लेकिन नुकसान होने पर दुकान बंद हो गई थी। विकास रातोंरात अमीर बनना चाहता था। राजेश के घर आते-जाते उसे लगा था कि वह बेहद पैसे वाला है। इसके बाद ही उसने यह प्लान बनाया।
Prayagraj : नमन। फाइल फोटो
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बहनाेई की कार लेकर मांगकर लाया था
घटना में प्रयुक्त कार भी खुलासे में बेहद अहम रही। दरअसल आरोपी विकास गंगापार में रहने वाले अपने बहनोई की बलेनो कार मांगकर लाया था। इसी कार में उसने मासूम का कत्ल किया। पुलिस ने गांव में लगे कैमरे का फुटेज खंगाला तो उसमें यह कार नजर आई। जांच पड़ताल में यह बात स्पष्ट हो गई कि यह किसी ग्रामीण की नहीं। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ट्रेस करने पर यह गंगापार के रहने वाले शख्स की मिली। पुलिस ने उसे उठाकर पूछताछ शुरू की तो पता चला कि वह विकास का बहनोई है और वह ही उससे कार मांगकर ले गया था। इसके बाद विकास पर शक गहरा गया और पुलिस ने उसे उठा लिया।
इसलिए चुना वह स्थान?
हत्यारों ने मासूम के शव को ठिकाने लगाने के लिए जिस जगह को चुना, उसके बारे में दूसरा आरेापी संजू अच्छी तरह से जानता था। दरअसल संजू की मां बिजलीकर्मी है और वह पहले परिवार संग सड़वा स्थित कॉलोनी में ही रहता था। कुछ महीनों पहले ही नैनी में मकान मिलने पर परिवार शिफ्ट हो गया था।
परिवार में कोहराम, मां-बाप बदहवास
मासूम बेटे की हत्या की जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे के माता-पिता बदहवास से हो गए। उधर बड़ी बहन अंशिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों को देख छोटा भाई चार वर्षीय बचन भी सदमे में रहा।