लेकिन न ड्रोन मिला, न ही इसे उड़ाने वाला पकड़ा गया। फिलहाल इसका पता नहीं चल सका कि ड्रोन किस मंशा से उड़ाया गया। कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि पत्थर गिरजाघर की ओर ड्रोन के जाने की सूचना मिली थी, जिस पर सिविल लाइंस पुलिस को बताया गया था। उधर, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि सूचना मिली थी, जिस पर मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। हालांकि मौके पर कोई नहीं मिला। इस मामले में एक यह भी आशंका जताई जा रही है कि रील बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया हो।