माहे मुकद्दस के उनतीस रोजों के बाद बुधवार को ईद मनाई गई। तमाम रास्ते इबादतगाहों की ओर मुड़े। रोजेदारों ने नेमतों, रहमतों संग ईद की खुशियां अता करने के लिए खुदा का शुक्रिया अदा किया। ईदगाह, जामा मस्जिदों सहित शहर की इबादतगाहों में बंदे सजदे में रहे। बारगाहे इलाही में खैरियत और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं गईं। लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। लौटकर सेवइयां चखी गईं।
सबसे बड़ी जमात ईदगाह में जुटी। तय वक्त से पहले-पहले जब ईदगाह भर गई तो तमाम नमाजियों ने चंद्रलोक सिनेमा के पीछे डी रोड से लेकर रेलवे ब्रिज तक सड़क पर सीधी सफ में रहकर नमाज अदा की। पेश इमाम मौलाना वजाहत हुसैन ने नमाज पढ़ाई। फिर खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली, रोजी-रोजगार में बरकत आदि के लिए दुआएं मांगीं गईं। इससे पहले उन्होंने खुत्बे में रमजान की फजीलत और रोजे अता करने के लिए तमाम रोजेदारों की ओर से खुदा का शुक्रिया अदा किया। ईदगाह के मुतवल्ली एमएस फारुकी की देखरेख में नमाजियों के लिए भीतर और बाहर तेज धूप से बचाव के लिए छाजन के साथ ही स्पीकर वगैरह के मुकम्मल इंतजाम कराए गए थे।
जामा मस्जिद चौक में नमाजियों की दूसरी बड़ी जमात जुटी। कारी मकबूल अहमद हबीबी की सरपरस्ती में नायाब शहर काजी और पेश इमाम मौलाना सैयद रईस अख्तर ने खुत्बा और ईद की खास नमाज पढ़वाई। रोजों की फजीलत बयां की। जामा मस्जिद भरने के बाद नमाजियों ने कोतवाली से लेकर बजाजा पट्टी और ठठेरी बाजार तक सीधी सफ में बैठकर नमाज अदा की। बाद नमाज मुल्क की सलामती, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगीं गईं। नमाजे अलविदा इंतेजामिया कमेटी जामा मस्जिद चौक के मोहम्मद आजम, मोहम्मद अरशद, सईद अख्तर आदि की ओर से माकूल इंतजाम कराए गए थे।
रोशनबाग स्थित मस्जिद शाह वसीउल्लाह में पेश इमाम कारी मोहम्मद अमीन ने तमाम नमाजियों को ईद की खास नमाज पढ़वाई। खुत्बे में तमाम फजीलतें बयां की गईं। अबकी यहां भी नमाजियों की बड़ी जमात जुटी। पूरी मस्जिद भरने के बाद बाहर नूर हड़्डी तिराहे तक नमाजियों के लिए सचिव डॉ.अहमद मकीन की देखरेख में इंतजाम किए गए थे। इसी क्रम में जामा मस्जिद वसीयाबाद सहित शहर की अन्य मस्जिदों, इबादतगाहों में ईद की नमाज के लिए नमाजियों का जमावड़ा रहा। बुजुर्गों सहित तमाम नमाजी अपने पास-पड़ोस की मस्जिदों में भी नमाज के लिए पहुंचे। नमाज पूरी होने पर सभी ने अमन और खुशहाली की दुआएं मांगी और एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। छोटे मियां हों या बड़े मियां सभी के चेहरे ईद की खुशियों से खिले, चमके।