फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद पहली बार दो दिवसीय दौरे पर इलाहाबाद पहुंचे सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा चुनाव की हार ने हमें जगाने का काम किया है। अब निश्चित ही वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी 2014 से बेहतर प्रदर्शन करेगी। रविवार को सर्किट हाउस में ‘अमर उजाला’ से हुई अनौपचारिक बातचीत में केशव ने तमाम सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने सरकार पर ठाकुरवाद को बढ़ावा दिये जाने के आरोप का खंडन भी किया। उल्टे सवाल किया, कौन कहता है कि योगी सरकार में ठाकुरवाद है। पार्टी ने मेरिट केआधार पर काबिल अफसरों को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी है।
सवाल : क्या सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव में नहीं बन रही है।
जवाब : मुस्कराते हुए, यह विपक्ष की बौखलाहट है। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। सीएम योगी और मैं एकजुट हैं। हम दोनों की एकजुटता को देखते हुए ही विपक्ष पहले दिन से ही प्रयास कर रहा है कि दोनों के बीच मनमुटाव, झगड़ा और दूरी हो जाए। सपा का नाम लिए बगैर बोले, पिता-पुत्र, चाचा- भतीजे में दूरी हो सकती है। आने वाले दिनों में बुआ और भतीजे में भी दूरी होनी तय है, लेकिन सीएम योगी और केशव मौर्य के बीच कभी भी दूरी नहीं हो सकती क्योंकि हम दोनों का मकसद एक है। सबका साथ, सबका विकास। पीएम मोदी के इस मूलमंत्र को लेकर हम दोनों ही प्रदेश को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं।
सवाल : विपक्ष का आरोप है कि योगी सरकार ठाकुरवाद को बढ़ावा दे रही है।
जवाब : कौन कहता है कि योगी सरकार में ठाकुरवाद है। विपक्ष का यह आरोप बेबुनियाद है। पूर्व की अखिलेश सरकार में ही यह संभव था कि किसी एक जाति विशेष के लोगों को उच्च पदों पर तैनात किया जाए। पिछली सरकार में तमाम भर्ती आयोगों के साथ विभिन्न उच्च पदों पर एक खास जाति के लोगों की ही तैनाती थी। भाजपा में ऐसा नहीं है। प्रदेश की योगी सरकार ने मेरिट के आधार पर काबिल अफसरों को ही महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी है। सीएम और खुद मैं लगातार विकास कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। अफसरों की भी जवाबदेही तय है।
सवाल : उपचुनाव की हार के बाद पार्टी में नकारात्मक माहौल क्यों बना हुआ है।
जवाब : मैं ऐसा नहीं मानता। रही बात विपक्षी नेताओं की तो उनके बयान से माहौल नकारात्मक नहीं हो सकता। भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। केंद्र और प्रदेश की सरकार विकास के नये युग में प्रवेश कर चुकी है। संगठन और सरकार में तालमेल है। जाति की राजनीति करने वाले लोगों को आज यह लगने लगा है कि अब उनका भला नहीं होने वाला है। भाजपा तेजी से जनता के बीच अपनी पैठ बना रही है। भाजपा के लिए वर्ष 2019 का चुनाव 2014 के मुकाबले बेहतर रहेगा।
सवाल : लोकसभा चुनाव में महागठबंधन से कैसे निपटेंगे।
जवाब : यह बहुत ही अच्छा हुआ कि सपा, बसपा और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। जनता इन तीनों दलों की सरकार देख चुकी है। कांग्रेस के भ्रष्टाचार की वजह से वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनी। इसके बाद प्रदेश की जनता ने पिछले साल अखिलेश सरकार के गुंडाराज से ऊबकर प्रदेश में योगी सरकार बनवाई। बहन जी की पार्टी का इन दोनों चुनाव में क्या हाल हुआ उससे हर कोई वाकिफ है। तीनों दलों के साथ भले ही कुछ और दल आ जाए, लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 73 प्लस सीटें जीतने जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए मैंने 265 प्लस का लक्ष्य निर्धारित किया था और पार्टी ने 300 से ज्यादा सीटें जीती।
सवाल : शहर तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। कब तक मिलेगी राहत।
जवाब : कुंभ के मद्देनजर शहर में तमाम विकास कार्य चल रहे हैं। यह बात सही है कि विकास कार्यों की वजह से लोगों को थोड़ी-बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन यह कुछ दिनों का ही कष्ट है। सभी विभागों को एक निश्चित समय सीमा में काम पूरा कर लेने को कहा गया है। आज समीक्षा बैठक में अधिकतर विभागों ने तय सीमा के पूर्व ही काम करने की बात कही है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अब शहरियों को ज्यादा दिन परेशानी नहीं झेलनी होगी। एक बार कुंभ के कार्य संपन्न हो जाए तो इलाहाबाद देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो जाएगा।