इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से आदेशों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के नाम पर की जा रही अनियमितताओं पर नाराजगी जताई है। कहा, अधिकारी ‘स्पीकिंग ऑर्डर का सारांश’ लिखकर आदेश अपलोड कर रहे हैं। आदेश कब पारित किया गया, तिथि भी नहीं लिख रहे।
होईकोर्ट ने स्पीकिंग ऑर्डर याची को न देने पर कौशाम्बी के बीएसए पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कहा, 72 घंटे के अंदर याची को स्पीकिंग ऑर्डर दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति शौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने वंदना सिंह की याचिका पर दिया। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची को स्पीकिंग ऑर्डर की प्रति नहीं दी गई है। वेबसाइट पर अपलोड किया गया आदेश केवल कार्यालय ज्ञापन है। इसलिए इसे कोर्ट रद्द भी करता है तो ऑर्डर रद्द नहीं होगा। इस पर बीएसए के वकील ने कहा, याची को 72 घंटे के अंदर स्पीकिंग ऑर्डर उपलब्ध करा दी जाएगी।
कोर्ट ने स्पीकिंग ऑर्डर को चुनौती देने की स्वतंत्रता के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया। साथ ही याची को कार्यालय ज्ञापन के आधार पर कोर्ट आने के लिए मजबूर करने पर बीएसए पर 2,000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और याची को स्पीकिंग ऑर्डर देने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करें कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वेबसाइट पर स्पीकिंग ऑर्डर का सारांश अपलोड करने से पहले उसकी प्रति कर्मचारी को दें।