टेंवा निवासी कपिल मुनि पुत्र छोटे लाल ने अपना आधार कार्ड लगाकर सदर ब्लॉक के भद्दुरपुर स्थित यूपीसीयू केंद्र में कपिल मुनि करवरिया की खतौनी लगाकर 240 क्विंटल धान बेचा है। यह बिक्री तीन बार में की गई है।
पूर्व विधायक की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया का 240 क्विंटल धान दूसरा कपिल मुनि कैसे बेच गया, इसकी जांच अब एसडीएम सदर से कराई जाएगी। प्रशासन समेत कई विभागों की लापरवाही नजर आने के बाद एडीएम वित्त ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। धान बेचने वाले कपिल मुनि से 20 क्विंटल धान के भुगतान की प्रशासन रिकवरी भी करा सकता है।
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टेंवा निवासी कपिल मुनि पुत्र छोटे लाल ने अपना आधार कार्ड लगाकर सदर ब्लॉक के भद्दुरपुर स्थित यूपीसीयू केंद्र में कपिल मुनि करवरिया की खतौनी लगाकर 240 क्विंटल धान बेचा है। यह बिक्री तीन बार में की गई है। बिक्री करने वाले कपिल मुनि का उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया से कोई ताल्लुक नहीं है। प्रशासनिक स्तर से इसकी जांच नहीं हुई और कपिल मुनि के खाते में 20 क्विंटल धान का भुगतान भी कर दिया गया।
अमर उजाला के यह फर्जीवाड़ा उजागर करने के बाद से पूरी खरीद प्रक्रिया कठघरे में आ गई है। किसानों के सत्यापन और बैंक में खाता खोलने की प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में है। सवाल यह भी है कि गलत पते पर कैसे आधार कार्ड बन गया, कैसे सत्यापन हो गया? जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। सोमवार को एडीएम वित्त अरुण कुमार गोंड ने एसडीएम सदर को प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।