पूरामुफ्ती के मंदरी गांव में रहने वाले दंपती ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। पति की कुछ देर बाद ही जबकि पत्नी ने एक दिन बाद इलाज के दौरान एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों ने घरेलू कलह की वजह से यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
पूरामुफ्ती के मंदरी गांव में वसीम बोस का ईंट-भट्ठा है। यहां कौशाम्बी के तिलगोठी, पिपरी निवासी बबलू (36) व उसकी पत्नी किरन (33) भी काम करते थे और भट्ठे में ही झुग्गी डालकर रहते थे। दोनों पहले से शादीशुदा थे। बच्चे न होने के कारण बबलू ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था जबकि किरन भी पति को छोड़कर उसके साथ चली आई थी। पुलिस के मुताबिक, 17 मार्च की रात उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया।
हालत बिगड़ने पर मुंशी व अन्य लोग उन्हें अस्पताल ले गए जहां बबूल की मौत हो गई। उधर किरन की भी हालत गंभीर बनी हुई थी और उसने भी शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। सूचना पर परिजन भी आ गए। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि बच्चे न होने से दोनों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। एसओ उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए जिसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया।