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कौशाम्बी हादसाः एक साथ जलीं पांच चिताएं उमड़ा आंसुओं का सैलाब

Wed, 02 Dec 2020 09:57 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज

सार

  •  दूल्हे की बहन व भांजे का प्रयागराज में हुआ अंतिम संस्कार
  •  शोक में डूबा रहा शहजादपुर गांव, ज्यादातर घरों में नहीं जले चूल्हे
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कौशाम्बी - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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तहसील क्षेत्र के शहजादपुर गांव में बुधवार दोपहर जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद पांचों शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। मरने वालों में चार रिश्तेदार थे तो एक पड़ोसी की बेटी। हादसे के गांव का पूरा गांव शोक में डूबा रहा। अंतिम संस्कार के लिए गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा किनारे शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां किसी को पिता तो किसी के पति ने मुखाग्नि दी।

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दुखद घटना को लेकर गांव के ज्यादातर घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव के मोहनलाल के बेटे पंकज के वैवाहिक समारोह से वापस लौटते वक्त उसके चाचा लेखपाल बसंतलाल की पत्नी रोशनी व बेटी नेहा हादसे का शिकार हुईं थी। पंकज के रिश्ते में मामा हनुमान प्रसाद की पत्नी पूनम व बेटी मुस्कान की भी मौत हुई। मोहनलाल के पड़ोसी सोनू तिवारी की बेटी भी स्कार्पियो में हादसे का शिकार हुई।

बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद पांच शव गांव पहुंचे तो परिवार के लोग दहाड़ें मारकर रो पड़े। बाद में सभी का अंतिम संस्कार गांव के बाहर स्थित गंगा घाट पर किया गया। रोशनी व नेहा को बसंतलाल ने मुखाग्नि दी। वहीं हनुमान प्रसाद ने भी पत्नी व बेटी का अंतिम संस्कार किया। सोनू तिवारी ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। इसके अलावा हादसे में मृत दूल्हे की बहन शशि व भांजे ओम का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया गया। स्कार्पियो चालक शिवराम का उसके गांव बालकमऊ में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे।
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कड़ा : दुल्हन की अगवानी को जा रही थीं महिलाएं, खींच ले गई मौत

हादसे का शिकार हुईं महिलाएं घर आने वाली दुल्हन की अगवानी के लिए जा रही थीं, लेकिन उनको मौत खींच ले गई। मौके पर पहुंचे रिश्तेदार व स्थानीय लोग पीड़ित परिवार का विलाप देख अपनी आंखों के आंसूू नहीं रोक पा रहे थे।

शहजादपुर निवासी मोहनलाल गुप्ता सहकारी समिति के सचिव पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके तीन बेटे व दो बेटियों में पंकज सबसे छोटा था। पंकज उर्वरक की दुकान चलाता है। बेटे की शादी में सभी रिश्तेदार पहुंचे थे। महिलाएं भी बरातियों में शामिल थीं। बहू की अगवानी के लिए दूल्हे पंकज की बहन शशि ने खास कार्यक्रम रखा था। शशि देवी अपने बेटे ओम गुप्ता व बेटी श्वेता के साथ वरमाला के बाद घर जाने को तैयार हो गईं।

इसके लिए रिश्तेदार की स्कॉर्पियो को शहजादपुर जाने के लिए तैयार किया गया। गांव जा रही गाड़ी को देख उसमें दूल्हे की चाची रोशनी देवी, उसकी बेटी नेहा, गांव में ही रहने वाले रिश्ते के मामा हनुमान प्रसाद की पत्नी पूनम, बेटी साक्षी, मुस्कान भी सवार हो गईं। इधर, विवाह का कार्यक्रम हो रहा था, पर शशि अपने छोटे भाई के  दुल्हन की अगवानी को यादगार बनाने के लिए घर को निकलीं। रास्ते में सभी आठ लोगों पर मौत ने झपट्टा मार दिया। रिश्तेदारों की मानें तो शशि अपने भाई की शादी से बेहद खुश थी।

इसी वजह से उसने अपने साथ चलने के लिए परिवार के करीबी रिश्तेदारों को भी राजी किया। लेकिन, घर पहुंचने से पहले काल ने दूल्हे की बहन सहित आठ लोगों की जिंदगी छीन ली।

मंझनपुर: डिप्टी सीएम केशव ने ट्वीट कर जताई संवेदना

कड़ा धाम कोतवाली के देवीगंज के समीप हुए हादसे में बुधवार भोर आठ लोगों की मौत की खबर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दुख जताया है। केशव मौर्य ने ट्विटर के जरिये दुख प्रकट करते हुए शोकाकुल परिवार को दुख की इस घड़ी में ईश्वर से धैर्य बनाने के लिए प्रार्थना की। हादसे की जानकारी होने पर सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपनी मौजूदगी में शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई।

कड़ा: किस्मत से बच गई श्वेता और साक्षी की जिंदगी

श्वेता व साक्षी की किस्मत से जिंदगी तो बच गई लेकिन शादी जीवन भर का दर्द दे गई। हादसे में मौत के मुहाने से बची दोनों बच्चियां हादसे को याद कर कांप उठती है। मुंह से निकले कुछ टूटे-फूटे ....शब्दों के बाद बच्चियों की आंख से आंसुओं का सैलाब निकल पड़ता है। 

गाड़ी में दूल्हे की भांजी साक्षी (13) व चचेरी बहन श्वेता भी सवार थीं। जब ड्राइवर ने घटनास्थल पर गाड़ी रोकी तो साक्षी और श्वेता दरवाजा खोलकर बाहर निकल गईं, जिससे उनकी जिंदगी बच गई। कुछ ही पल के बाद हुए हादसे में साक्षी की खुशियों को ग्रहण लगा दिया। घटना में उसकी मां व बहन की मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने चंद पल में मां व बहन को खोने वाली साक्षी का रो-रोकर बुरा हाल है।

साक्षी पिता को देखते ही फफक रही थी। कमोबेश यही हाल श्वेता का भी था। प्रयागराज के अल्लापुर निवासी निवासी रमेश गुप्ता दूल्हे के बहनोई है। बरात में शामिल होने के लिए वह भी पत्नी शशि, बेटे ओम व बेटी श्वेता के साथ आए थे। घटना में शशि व ओम की मौत हो गई। मौत का शिकार होने से बची श्वेता भी घटना को याद कर सिहर उठती है।


मंझनपुर: सक्रिय रहा प्रशासन पर नहीं बचा सका जान

देवीगंज के समीप स्कॉर्पियो सवारों के ऊपर ट्रक पलटने की सूचना जैसे ही जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह व एसपी अभिनंदन को मिली तो उन्होंने अस्पताल कर्मियों के साथ ही पूरे अमले को अलर्ट कर दिया। डीएम-एसपी खुद मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस बुलाकर रेस्क्यू कराया। जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. दीपक सेठ सहित चार चिकित्सक व स्टॉफ मरीजों का इलाज करने के लिए डट गए।

सबसे पहले दो लोगों को एक एंबुलेंस से लाया गया, जिन्हे चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस से भी दो लोग पहुंच,े लेकिन उनकी भी सांसें थम चुकीं थीं। बाद में चार लोग जो मलबे से बाहर निकाले गए वह पहले ही मृत थे, उनके शव सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने मोर्चरी में तत्काल चिकित्सकों को लगाकर शवों का पोस्टमार्टम कराया।

मंझनपुर: चार थानों की फोर्स को बुलाया गया

पुलिस को आस थी कि मलबे में दबे लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस लिए चार थानों की फोर्स के अलावा यूपी-112 की गाड़ियों को भी तत्काल घटना स्थल पर बुला लिया गया था। मकसद था कि अगर कोई जीवित निकलता है तो उसे इलाज  के लिए ले जाने में किसी तरह की देरी नहीं हो। पर, सारी कवायद तब धरी रह गई जब डस्ट का का मलबा हटाकर देखा गया कि स्कार्पियं में सवार सभी लोग बुरी तरह से फंसे हुए हैं। बाद में गैस कटर का इस्तेमाल कर सभी को बाहर निकाला गया।

सिराथू: लाल जोड़े में बदहवास रही दुल्हन पूछती रही हुआ क्या?

बुधवार भोर तकबीरन तीन बजे आई एक फोन कॉल के बाद देवीगंज बाजार स्थित गेस्ट हाउस में अफरातफरी मच गई। हर शख्स घटना की जानकारी होने के बाद मौके की तरफ भागने लगा। दुल्हन बनी विमला को माजरा समझ में नहीं आ रहा था। वह हर शख्स से बस यही पूछती दिखी कि ऐ... भइया हुआ क्या। कुछ पल तो उसे ऐसा लगा कि बराती शायद नाराज होकर अपने-अपने वाहनों से भागे जा रहे थे। बाद में किसी ने विमला को बताया गया कि हादसे में उसकी नंद समेत आठ लोगों की मौत हो गई है तो वह दहाड़ मारकर रो पड़ी।

फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष कोतवाली अंतर्गत मवई गांव निवासी कारोबारी मानिक चंद्र की बेटी विमला की शादी मंगलवार को शहजादपुर गांव के पंकज अग्रहरि से तय हुई थी। शाम को धूमधाम के साथ बरात पहुंची। बराती नाचते-गाते हुए गेस्ट पहुंचे तो घरातियों ने फूल माला से उनका स्वागत किया। इसके बाद आगवानी व जयमाल की रस्म अदा की गई। दुल्हन बनी विमला को उसकी नंद शशि ने अपने साथ ही भोजन कराया। इसके बाद विवाह की अन्य रस्म होनी थी। इसी बीच दूल्हे पंकज की बहन ने घर जाने का प्लान बना लिया। जाते वक्त वह विमला से मिलकर निकली थी। इसके कुछ ही देर बाद गेस्ट हाउस में अफरातफरी मच गई। रिश्तेदार से लेकर हलवाई, टेंट व कैटरिंग वाले भी चले गए।

विमला के साथ बची थी तो कुछ घराती पक्ष की महिलाएं। उन्हें भी कुछ समझ नहीं आ रहा था। बाद में पता चला कि सड़क दुर्घटना में कुछ देर पहले उससे मिलकर निकली नंद व भांजे के साथ ही आठ लोगों की मौत हो गई है तो विमला दहाड़ मारकर रो पड़ी। साथ रही महिलाओं ने उसे संभालने का प्रयास किया लेकिन उसका रोना बंद नहीं हुआ। बाद में विमला को बिना विदा कराए मायके भेज दिया गया।

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