इलाहाबाद। कटरा रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला इस बार दर्शकों को राम रस में सराबोर करने के साथ ही रोमांचित भी करेगी। नये प्रयोग और तकनीक का समावेश कर भव्य रामकथा की प्रस्तुति होगी। कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि रामलीला में भगवान राम का प्रयाग आगमन और भारद्वाज मुनि से मिलना आदि प्रसंग का मंचन लोगों को शहर की परंपरा से रूबरू कराएगा। वहीं पहाड़ लेकर उड़ते हनुमान जी, सीता का अग्नि प्रवेश देखने वालों को रोमांच से भर देगा।
लाइट एवं साउंड के माध्यम से कर्नलगंज स्थित रामवाटिका में 160 फीट लंबे एवं 25 फीट चौड़े मंच पर रामलीला मंचन होगा। तुलसीदास कृत रामचरितमानस पर आधारित रामलीला की शुरुआत अश्विन अमावस्या की 30 सितंबर से होगी। हालांकि कमेटी के परंपरानुसार रामलीला की शुरूआत से पहले अश्विनी एकादशी 26 सितंबर को रावण शोभायात्रा निकाली जाएगी। कमेटी के अध्यक्ष गोपाल बाबू जायसवाल के मुताबिक कटरा रामलीला कमेटी की ओर से प्रस्तुत होने जा रही रामलीला में शहर की परंपरा को दर्शाने के साथ ही हाईटेक तकनीक का प्रयोग होगा। मंच पर रावण का महल, पंचवटी, राजा दशरथ का महल, वनवास के प्रसंग, जंगल, भारद्वाज आश्रम, अहिल्या उद्धार प्रसंग आदि दर्शाए जाएंगे। पहली बार ग्यारह दिन के बजाए बारह दिन तक रामलीला मंचित होगी। अंतिम दिन सीता की अग्नि परीक्षा, रामराज्याभिषेक होगा।
रिहर्सल एक सितंबर से
इलाहाबाद (ब्यूरो) कटरा रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने वाली रामलीला के लिए कलाकारों का चयन किया जा रहा है। अध्यक्ष गोपाल बाबू जायसवाल केअनुसार एक सितंबर से रिहर्सल शुरू होगी। कर्नलगंज स्थित रामवाटिका में निर्देशक अश्विनी अग्रवाल की देखरेख में कलाकार अभ्यास करेंगे।