थाना क्षेत्र के घोड़ेडीह गांव में शनिवार को दो पक्षों में विवाद हो गया था। मामला घोड़ेडीह गांव का दो पक्षों में जमीनी विवाद का था। जिस पर किसी भी ओर से तहरीर नहीं दी गई थी। इसके बावजूद भी थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को थाने में बैठा लिया था। मामले के समझौते में इलाहाबाद डिग्री कालेज के पूर्व अध्यक्ष समीर पांडेय करछना थाने पहुंचे थे।
जिस पर नवागंतुक थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार वर्मा ने समीर पांडेय को गाली गलौज देते हुए एनकाउंटर की धमकी दे डाली और लाकअप में बंद कर दिया। जिसको लेकर रविवार को सपा नेता समीर पांडेय के समर्थन में दर्जनों सपाइयों ने करछना तहसील से नारेबाजी करते हुए थाने पर आकर थाने के गेट पर पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग करने लगे।
करछन थाने के सामने घंटों सड़क पर बैठकर घेराव एवं विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर समीर पांडेय ने कहा कि जब तक इंस्पेक्टर करछना पर कार्यवाही नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सपाईयों ने कहा कि करछना के इंस्पेक्टर कहते है कि छात्र नेता मतलब गुंडा होता है, ज्यादा नेतागीरी करोगे तो एनकाउंटर कर देंगे। मामले को क्षेत्राधिकारी करछना आशुतोष तिवारी ने फोन पर वार्ता कर प्रदर्शन कर रहे लोगो को जांच के बाद इंस्पेक्टर करछना पर कड़ी कार्यवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
इस दौरान छात्रों ने एसएसपी को संबोधित ज्ञापन सौंप कर करछना इंस्पेक्टर के खिलाफ कारवाई की मांग की। साथ ही कहा कि अगर एक हफ्ते में कार्यवाई नहीं हुई तो दोबारा धरना प्रदर्शन होगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्यवाही नही होती तो सपा कार्यकर्ता साथी के सम्मान की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर शिव यादव, पंकज त्रिपाठी, बिपिन दादा, पंकज यादव, हिमांशु मिश्रा, नितेश तिवारी, मोहित पांडेय , मोहित यादव, दीपक यादव, मयंक पांडेय, क्रांति भारतीय, आशीष शुक्ला, संतोष विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।
प्रदर्शन करने वाले सपा नेताओं पर महामारी एक्ट के तहत मुकदमा
करछना कोतवाली के सामने प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी से जुड़े छात्रनेता समीर पांडेय व शिव यादव समेत सात नामजद व 15 अज्ञात के खिलाफ महामारी एक्ट की धारा 188 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। हालांकि अभी गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई है।