माघ मेला को कुंभ-2019 के रिहर्सल के रूप में लिया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री की खुद नजर है। इसके विपरीत दावों की सच्चाई का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि कल्पवासियाें तथा अन्य श्रद्धालुओं को मेला में इस बार भी राशन नहीं मिलेगा। खुद ही सभी वस्तुआें का इंतजाम करना पड़ेगा।
माघ मेला में राशन की दुकानें आवंटित होती हैं। पहले उन पर सरकारी दर पर आटा, चावल, मिट्टी तेल के अलावा चीनी भी मिलती थी। पहले चीनी का आवंटन बंद हुआ। विगत कुछ वर्षों से आटा, चावल मिलना भी बंद हो गया लेकिन माघ मेला और कुंभ को लेकर सरकार की गंभीरता को देखते हुए इस बार से इनके आवंटन की उम्मीद थी। इसी उम्मीद के साथ खाद्य रसद विभाग की ओर से माघ मेला के लिए 400 मीट्रिक टन गेहूं और 300 मीट्रिक टन चावल का प्रस्ताव अक्तूबर में ही भेजा गया था। इसके बाद दो बार पत्र भी लिखा जा चुका है लेकिन शासन से कोई जवाब नहीं आया। जबकि, दो जनवरी से स्नान शुरू हो जाएगा। ऐसे में इस बार भी माघ मेला में राशन मिलने की उम्मीद नहीं है। एसडीएम नागरिक आपूर्ति अमर पाल सिंह का कहना है कि मेला में आटा और चावल कई वर्षों से नहीं दिया जा रहा। इस बार भी राशन उपलब्ध कराने की कोई योजना नहीं है।
कल्पवासियाें को इस बार माघ मेला में मिट्टी के तेल का भी इंतजाम खुद करना पड़ सकता है। पिछले वर्ष 98 हजार लीटर तेल मंगाया गया था लेकिन मेला में आने वाले तकरीबन पांच लाख कल्पवासियों के लिए यह काफी कम पड़ा। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार पांच लाख लीटर मीट्टी तेल की मांग की गई है लेकिन शासन से अभी तक इस बाबत कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में इसके वितरण भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
माघ मेला में कल्पवासियों तथा स्नानार्थियों को राशन के लिए भटकना पड़ सकता है लेकिन नगदी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मेला क्षेत्र में इस बार 24 एटीएम लगाने का निर्णय लिया गया है। इनमें भी चार मोबाइल एटीएम होंगे। इसके लिए संबंधित बैंकों को जमीन उपलब्ध कराई गई है। पिछली बार 13 एटीएम लगाए गए थे।