हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
हमारा विरोध जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर नहीं है, हम न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ है। हाईकोर्ट के गौरवशाली इतिहास में पहली बार गुपचुप तरीके से हुई शपथ से हम हैरान व परेशान है। इस घटना ने एक बार फिर आम आदमी की न्यायिक व्यवस्था में आस्था घटाई है। मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध है कि वह बुनियादी मूल्यों व परंपराओं के संरक्षण में बार का सहयोग करें। - अनिल तिवारी, अध्यक्ष, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन
न्यायाधीश का शपथ ग्रहण न्यायिक प्रणाली में गर्व का मौका होता है। शपथ ग्रहण समारोह सीजे कोर्ट में बार-बेंच की मौजूदगी में आयोजित होने की परंपरा रही है। लेकिन हमारी पीठ पीछे गुप्त तरीके से जस्टिस वर्मा को दिलाई गई शपथ न्यायिक परंपराओं का हनन है। गुपचुप शपथ की हम निंदा करते है। सीजे से अनुरोध है कि आरोपों से घिरे जस्टिस वर्मा को न्यायिक कार्य न सौंपे जाएं। -विक्रांत पांडेय, सचिव, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन