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जूनियर डॉक्टरों ने एसआरएन की बंद कराई ओपीडी, मेडिकल स्टोर 

Sat, 15 Jun 2019 12:49 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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srn - फोटो : allahabad
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पश्चिम बंगाल में डॉ. परिभा मुखर्जी पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में लामबंद डॉक्टरों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। एसआरएन अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी, पैथालॉजी और मेडिकल स्टोर बंद कराकर प्रदर्शन किया। इससे दूर-दूर से आए मरीज, तीमारदार भटकते रहे। एएमए और पीएमएस संघ के पदाधिकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी को दिया।
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आईएमए ने घटना के विरोध में देश भर में काला दिवस मानने का एलान किया था। इसी क्रम में सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। एसआरएन अस्पताल में सुबह करीब 10.30 बजे जूनियर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। नाराज चिकित्सकों ने पंजीकरण काउंटर के साथ पैथालॉजी बंद करा दी। गायनी विभाग के सामने एकत्र डॉक्टरों ने ‘वी वांट जस्टिस’ ‘सेवा के बदले हमला, नहीं चलेगा’, जैसे नारे लगाते हुए सभा की। यहां से निकले डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर स्थित मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानें बंद करा दीं। 

विरोध के चलते ठप हुईं स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा शुरू नहीं हो सकीं। करीब चार घंटे तक सैकड़ों मरीज एक विभाग से दूसरे विभाग का चक्कर लगाते रहे। गर्मी में परेशान मरीज इधर-उधर घूमने के बाद बिना इलाज कराए लौटने को मजबूर हुए। इस बीच वरिष्ठ चिकित्सक ने किसी मरीज का परीक्षण किया भी तो न उसे दवा मिल पाई और न ही खून आदि की जांच हो सकी। एक्सरे, एमआरआई का काम भी ठप रहा। सोरांव से आए राजाराम, कोरांव से आईं सीता देवी ने बताया कि डॉक्टर ही नहीं मिले। वहीं मिर्जापुर के संदीप कुमार, पत्नी मानसी देवी के साथ आए खागा के राम लखन बिना इलाज कराए लौटने को मजबूर हुए। परेशान लोगों ने बताया कि किराए की गाड़ी करके यहां आए थे। इलाज न होने से हजारों की चपत लगी है। 
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एएमए अध्यक्ष डॉ. आरकेएस चौहान की अध्यक्षता में हुई सभा में डॉक्टरों ने बंगाल की घटना की निंदा की। सचिव डॉ. राजेश मौर्य ने कहा कि अस्पतालों में हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए आईएमए कानून बनाने की मांग सरकार से कर रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि आईएमए और सभी शाखाएं चिकित्सकों और रेजीडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग करते हुए ऐसी घटनाओं की निंदा करती है। सभा के माध्यम से मांग की गई है कि सभी चिकित्सकीय संस्थानों को विशेष सुरक्षित स्थान का दर्जा दिया जाए। संचालन डॉ. वीके मिश्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. आशुतोष गुप्ता समेत 100 से अधिक चिकित्सक मौजूद रहे।

एमए ने केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन 15 और 16 जून को जारी रखने का निर्णय लिया है। सोमवार 17 जून को प्रात: छह बजे से 18 जून को प्रात: छह बजे तक सभी चिकित्सकीय संस्थान कार्य से विरत रहेंगे। इमरजेंसी सेवाएं ही बहाल रहेंगी। वहीं शनिवार शाम छह बजे से मेडिकल कॉलेज गेट से सुभाष चौराहे तक डॉक्टर कैंडल मार्च निकालेंगे।

पीएमएस संघ के सचिव डॉ. कमलाकर सिंह के आह्वान पर बेली, कॉल्विन समेत अन्य सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। घटना के विरोध में हुई बैठक में सेवा कार्य में लगे चिकित्सकों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई। इस संबंध में पीएम को संबोधित ज्ञापन प्रभारी डीेएम को सौंपा गया। 
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