लंबी बीमारी तथा काम में असमर्थता का हवाला देकर चुनावी ड्यूटी से छुट्टी मांगने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। नौकरी भी जा सकती है। बीमारी के आधार पर अवकाश मांगने वालाें की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड भी गठित किया गया है। सीडीओ अरविंद सिंह का कहना है कि युद्ध के बाद निर्वाचन सबसे महत्वपूर्ण काम है। ऐसे में यदि कोई काम करने में असमर्थ है तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। साथ ही फर्जी चिकित्सीय प्रमामणपत्र लगाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लिस्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे में नाम कटवाने के लिए विकास भवन में लंबी कतार लग रही है। इनमें ज्यादातर कर्मचारियों ने बेटी, बेटा या परिवार में शादी के अलावा बीमारी को कारण बताया है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने बीमारी की वजह से चुनाव में ड्यूटी करने में असमर्थता जताई है। वहीं कई ने गंभीर बीमारियों को कारण बताया है। इस तरह के आवेदनों में कितनी सच्चाई है इसकी जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इसके अलावा शादी तथा अन्य कारणों से छुट्टी मांगने वालों की जांच के लिए भी टीम बनाई गई है।
चूंकि शासन की ओर से पहले ही आदेश दिया जा चुका है कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के काम करने में अक्षम कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाए। ऐसे कर्मचारियों की विभागवार सूची भी मांगी गई थी। शासन के इस आदेश को अब चुनावी ड्यूटी से छुट्टी मांगने वालों पर लागू करने की बात कही जा रही है। ड्यूृटी प्रभारी सीडीओ अरविंद का कहना है कि यदि कोई काम करने में अक्षम है उसे वीआरएस ले लेनी चाहिए। उनका कहना है कि चिकित्सीय आधार पर छुट्टी मांगने वाले आवेदकों को मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जा रहा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी की रिपोर्ट गलत है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अतिसंवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अंतिम सूची सभी प्रमुख प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद तय की जाएगी। ऐसे सभी केंद्रों पर पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाएगी। ऐसे बूथों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी एसडीएम और सीओ को दी गई है। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने सोमवार को बैठक में ऐसे बूथों को चिह्नित करने के साथ वहां तैनात होने वाली फोर्स की बाबत भी जानकारी मांगी है।
उन्होंने अफसरों से ऐसे बूथों पर सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य जरूरतों को लेकर भी जानकारी मांगी। कहां-कहां आब्जर्वर और माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए जाने हैं इसकी सूची भी मांगी। ताकि, समय रहते सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम किए जा सकें। डीएम ने निर्देश दिया कि एसडीएम तथा सीओ थाने में बैठकर असलहा जमा कराना भी सुनिश्चित करें। सुरक्षा तथा आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने को लेकर अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में एसएसपी अतुल शर्मा, सीडीओ अरविंद सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व एमके सिंह, एडीएम प्रशासन बीएस दुबे, एडीएम सिटी एके कनौजिया आदि मौजूद रहे।