जेएनयू की घटना को लेकर सोमवार शाम पांच बजे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में इविवि के छात्रसंघ भवन के सामने वाम छात्र संगठनों का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया।
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में नॉनवेज खाने को लेकर एबीवीपी और वाम छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प के एक दिन बार सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में भी एबीवीपी और वाम छात्र संगठन के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे के विरोध मं एबीवीपी ने वामपंथियों और वाम छात्र संगठनों ने एबीवीपी का पुतला फूंका। इस दौरान छात्रों की पुलिस ने तीखी बहस भी हुई।
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जेएनयू की घटना को लेकर सोमवार शाम पांच बजे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में इविवि के छात्रसंघ भवन के सामने वाम छात्र संगठनों का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान वाम छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और उन्होंने एबीवीपी का पुतला फूंक दिया। दोनों तरफ से एक-दूसरे के विरोध में नारेबाजी होने लगी। वाम छात्र संगठनों के कार्यकर्ता मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जेएनयू की घटना के लिए वाम छात्र संगठनों को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं, वाम छात्र संगठनों की ओर से आइसा के शैलेश पासवान ने एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की। आरोप लगाया कि आरएसएस के इशारे पर पुलिस संरक्षण में वाम छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं पर एबीवीपी के लोगों ने हमला किया।