ट्रेनों में बढ़ रही जहरखुरानी को रोकने और उसे करने वालों की धरपकड़ के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक नया तरीका निकाला है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की आरपीएफ ने इसकी रोकथाम के लिए वीडियो कैमरे से लैस अपनी एक टीम दिल्ली में तैनात कर दी है। इस टीम की जिम्मेदारी है कि वह दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में बैठे यात्रियों की रिकार्डिंग करें। बीच रास्ते में भी वह टीम रिकार्डिंग करेगी, ताकि अगर रास्ते में कोई यात्री जहरखुरानी का शिकार होता है तो उसे वीडियो दिखाया जाए। ताकि संबंधित यात्री जहरखुरानी करने वाले को पहचान सके। इसके अलावा आरपीएफ ने अपने सिक्योरिटी हेल्पलाइन नंबर 182 की लाइनों की संख्या भी बढ़ा दी है, ताकि यात्री सुरक्षा से संबंधित अपनी शिकायत आसानी से कर सके।
शनिवार को एनसीआर मुख्यालय मेें जोन के मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीएससी) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जहरखुरानी रोकने के लिए दिल्ली से कानपुर, इलाहाबाद आदि शहरों की ओर आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को जहरखुरानी से बचाने के लिए वीडियो रिकार्डिंग कारगर साबित होगी। 1मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सीएससी ने बताया कि यात्री सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने अपनी सिक्योरिटी हेल्पाइन 182 को भी पहले के मुकाबले बेहतर बना दिया है। अमूमन यात्री लाइन व्यस्त रहने की शिकायत करते थे। इस समस्या के समाधान के लिए अब जोन के इलाहाबाद मंडल में 06, झांसी मंडल और आगरा मंडल में चार-चार अतिरिक्त लाइनें बढ़ा दी गई हैं।
हेल्प लाइन का प्रचार करने के लिए तमाम ट्रेनों में 12790 स्टीकर भी लगाए गए। इसके पूर्व सीएससी ने 16 जून से 15 जुलाई तक चले यात्री सुरक्षा विशेष अभियान के समापन पर जोन में आरपीएफ द्वारा चलाए गए तमाम अभियान का ब्यौरा भी पेश किया। कहा कि महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, दिव्यांगों आदि के प्रति संवेदनशीलता बरतने के लिए माह में 273 जवानों को सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया गया। अच्छा काम करने वाले आरपीएफ के 75 सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। साथ ही महिला कोचों में अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए माह भर के दौरान 1300 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 850 अवैध वेंडर, नौ टिकट दलाल भी इस अवधि में पकड़े गए।