पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति ने कार्रवाई को बताया गलत
इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया है। पूर्व न्यायमूर्ति ने बुलडोजर से घरों को गिराने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमाम याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश की तमाम अदालतों में लंबित हैं। यानी अंतिम फैसला आना बाकी है। उन्होंने कहा कि आप एक पल के लिए भी मान लें कि निर्माण अवैध था, वैसे ही करोड़ों भारतीय कैसे रहते हैं, यह अनुमति नहीं है कि आप रविवार को एक घर को ध्वस्त कर दें जब उस घर केसारे लोग हिरासत में हों। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि कानून के शासन का सवाल है।