जैन मंदिर में शांति विधान का आयोजन किया गया।
ज्योतिपर्व पर बृहस्पतिवार को अनेक बौद्ध संगठनों की ओर से पंचशील दीप जलाकर तथागत की शिक्षाएं अपनाने का संकल्प लिया गया। सम्राट अशोक फाउंडेशन की ओर से सुमित्रानंदन पंत पार्क में हुए कार्यक्रम में संयोजिका मंजू मौर्या ने कहा, दीपावली प्रकाश पर्व है, जो अज्ञानता को दूर करके हमें ज्ञान की ओर से ले जाता है। यह पर्व भगवान बुद्ध के आत्मदीपो भव का जीवंत रूप है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश कुशवाहा ने कहा, आज ही के दिन भगवान बुद्ध कपिलवस्तु आए थे, जिनके स्वागत में दीप जलाए गए थे। आरंभ में न्यायमूर्ति रामसूरत ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष प्रथम पंचशील दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में ओंकार वानखेड़े, डॉ.सुरेश, मंजू कुशवाहा, अंजली मौर्य, आरएन मौर्य, राजकुमार मौर्य आदि मौजूद थे। स्वागत डॉ.राजकुमार मौर्य ने किया।
वहीं कुशवाहा बंधु की ओर से मिंटो पार्कमें जुटे सदस्यों ने दीप जलाकर समाज की उन्नति पर चर्चा की। तथागत बुद्ध दीप जलाने के बाद वक्ताओं ने कहा, बुद्ध के संदेशों से ही दुनिया में शांति संभव है। कार्यक्रम में रमेश चंद्र कुशवाहा, प्रियतम सिंह कुशवाहा, अविनाश कुमार, रामेश्वर सिंह कुशवाहा आदि मौजूद थे। इसी क्रम में शुक्रवार को दोपहर बारह बजे मिंटोपार्क में ही विचारगोष्ठी होगी।