फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथों हाथ बिक गई मिठाई और पटाखे

Thu, 19 Oct 2017 08:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
विज्ञापन
दशाश्वमेध पर गंगा आरती ज्योति पर्व के नाम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिवाली के दिन मिठाई, पटाखा और माला-फूल  बेंचने वालों का कारोबार गरम रहा। सुबह से ही शहर के तमाम इलाकों में मिठाई और माला-फूल की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ जुट गई। घर, दुकानों को सजाने की वजह से फूल माला की काफी डिमांड रही। इस वजह से फूल कारोबारियों ने भी गेंदा, गुलाब, गुड़हल आदि की माला के मनमाने दाम वसूले। शहर की सभी प्रमुख मिठाई की दुकानों पर भी लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से मिठाई खरीदी। उधर पटाखा मार्केट में भी सुबह दस बजे के बाद जबर्दस्त बूम देखने को मिला। एक अनुमान के मुताबिक मुख्य पर्व पर मिठाई, माला-फूल का कारोबार दस करोड़ रुपये का रहा।
विज्ञापन

मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही रही भीड़

0 मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैकेटों की बृहस्पतिवार को जबरदस्त बिक्री हुई। दरअसल मिठाई के बिना दिवाली पर पूजा नहीं होती।  इसके साथ ही उपहार में भी सबसे ज्यादा मिठाई दिए जाने का ही प्रचलन है। इस वजह से दिवाली के दिन सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ रही। सिविल लाइंस, चौक, बहादुरगंज, कोठापार्चा, कटरा, अल्लापुर, सुलेम सराय, मुट्ठीगंज, कीडगंज, बैरहना आदि इलाकों में मिठाई एवं ड्राईफ्रूट्स की दुकानों पर पूरे दिन लोगों का तांता लगा रहा। लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब  से मिठाई  खरीदी।  काफी संख्या में ऐसे लोग रहे जिन्होंने पूजन के साथ उपहार में देने के लिए दर्जनों मिठाई के डिब्बे खरीदे। एक अनुमान के मुताबिक दिवाली के दिन ही छह से सात करोड़ रुपये की सिर्फ मिठाई ही बिक  गई।

0 दिवाली के दिन मिठाई के साथ माला-फूल की भी खासी डिमांड रही। पूजन एवं घर की साज सज्जा में फूल माला का इस्तेमाल किए जाने की वजह से रामबाग, गऊघाट, सिविल लाइंस, अल्लापुर, साउथ मलाका, कीडगंज, तेलियरगंज आदि इलाकों में माला फूल की दुकानों पर सुबह से ही लोगों  की भीड़ जमा रही। दिवाली पर गेंदा, गुलाब के साथ कमल और नीले रंग के गुलसुपारी के फूल की खूब मांग रही। कमल और गुलसुपारी को गणेश-लक्ष्मी के पूजन में शुभ माना जाता है। बाजार में गुलसुपारी का छोटी माला के 20 रुपये और बड़ी माला के 50 रुपये तक भी वसूले गए। घर की साज सज्जा में गेंदे की माला का इस्तेमाल किए जाने की वजह से इसकी लड़ी लोगों ने मुंहमांगे दाम में खरीदी। एक अनुमान के मुताबिक शहर में माला फूल का ही तीन करोड़ रुपये तक का कारोबार दिवाली के दिन हुआ। रामबाग के फूल कारोबारी दिनेश सैनी ने बताया कि गेंदा के फूल की डिमांड सर्वाधिक रही।
विज्ञापन


दिवाली का मौका हो और पटाखे न चले ये संभव नहीं है। बृहस्पतिवार को पटाखों की जमकर बिक्री हुई। चाइनीज  पटाखों के विरोध का असर भी मार्केट में दिखा। इस बार बाजार में चाइनीज पटाखे नहीं दिखे। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ दिवाली के दिन करीब पांच करोड़ रुपये के पटाखे बिक गए। शहर के जिन 18 स्थानों पर पटाखा बिक्री की प्रशासन ने अनुमति दी है वहां दोपहर से रात तक भीड़ बनी रही। सर्वाधिक भीड़ एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज स्थित आतिशबाजी के थोक बाजार में रही। साथ ही हर बाजार, मोहल्ले में तय स्थानों पर खुली दुकानों में आतिशबाजी खरीदने वालों भी भीड़ जुटी रही। पटाखों के थोक विक्रेता कादिर भाई ने बताया कि रोशनी और फुलझड़ी की नई वेराइटी धड़ल्ले से बिकी। महताब और कुल्हड़ अनार की मांग बराबर बनी रही।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें