निर्माणाधीन मकान में रिटायर जेलकर्मी की गोली मारकर हत्या
नैनी के चकलाल मोहम्मद मोहल्ले में घटना, कमरे में खून से सनी मिली लाश
सुबह काम पर पहुंचे मजदूरों से हुई जानकारी, एक के खिलाफ मुकदमा
मूलत : गाजीपुर के रहने वाले थे रमाशंकर, कौशाम्बी जनपद कारागार में थे प्रधान बंदी रक्षक
नैनी (प्रयागराज)। क्षेत्र के चकलाल मोहम्मद मोहल्ले में एफसीआई गोदाम के पास निर्माणाधीन मकान में रिटायर्ड प्रधान बंदीरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुबह घटना की जानकारी पर एसएसपी समेत अन्य अफसर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। फिलहाल पड़ोसी से झगड़े की बात सामने आई है और बेेटे की तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा लिखकर पुलिस जांच में जुटी है।
कौशांबी जनपद कारागार से गत 30 सितंबर 2019 को रिटायर हुए प्रधान बंदी रक्षक रमाशंकर सिंह खहरवार (61) पुत्र जयराम खहरवार ने नौकरी के दौरान ही नैनी के चकलाल मोहम्मद मोहल्ले में प्लाट लिए थे। पहले वह अपने दो बेटे और दो बेटियों के साथ कौशाम्बी के मंझनपुर में ही रहते थे। बेटे राघवेंद्र उर्फ राहुल के मुताबिक सेवानिवृत्त होने के उन्होंने नैनी के चकलाल मोहम्मद मोहल्ले में किराये का कमरा ले लिया था। वहीं पर रहकर वह अपने प्लाट पर मकान बनवा रहे थे।
उनके साथ उनके दोनो बेटे भी रहने आ गए थे। बेटियां भी आती जाती रहती थीं। बीते दो दिन से रमाशंकर उसी निर्माणाधीन मकान में रात में भी रुकते थे। गुरुवार को सभी मजदूर छुट्टी पर थे, इसलिए रात में रमाशंकर अकेले ही वहां सोए थे। बेटा राघवेंद्र व आकाश कमरे पर थे। शुक्रवार की सुबह जब मजदूर काम करने पहुंचे तो उनमें से एक राजगीर राजू मिस्त्री ने देखा कि कमरे में रमाशंकर की खून से सनी लाश पड़ी है। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। पता चलने पर दोनों बेटे राघवेंद्र और आकाश मौके पर भागते हुए पहुंचे। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया।
आसपास के लोगों ने पूछताछ में बताया कि रात में फायरिंग की आवाज तो लोगों ने सुनी थी लेकिन, किसी ने देखा नहीं। रमाशंकर के बाए कंधे के नीचे सुराख है, जो गोली लगने का है। मौके पर एसएसपी, एसपी गंगापार, सीओ करछना व नैनी पुलिस के अलावा फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड की टीम ने पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक जांच पड़ताल की। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ करछना सच्चिदानंद ने बताया कि पड़ोसी से झगड़ा हुआ था। बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह भी स्पष्ट हो जाएगी।
पड़ोसी से हुआ था विवाद
नैनी। रमाशंकर के बड़े बेटे राघवेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को छत पडनी थी लेकिन, पड़ोसी श्याम कुमार शुक्ला सरिया नहीं ले जाने दे रहा था। इसी बात को लेकर गुरुवार को उससे पिता का झगड़ा हो गया था। उस दौरान वहां मौजूद लोगों ने बीचबचाव करके मामला शांत करा दिया था। राघवेंद्र का आरोप है कि श्याम ने उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। रमाशंकर ने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो बेटे ने मना कर दिया। बेटे राघवेंद्र की तहरीर पर पड़ोसी श्याम पर नामजद रिपोर्ट लिखी है।
बेटे की करने वाले थे शादी
नैनी। मूलत: गाजीपुर जनपद के सियाड़ी भवरकोल गांव निवासी रमाशंकर सिंह खहरवार (61) कौशांबी जनपद जेल में प्रधान बंदीरक्षक (हेड वार्डर) के पद पर तैनात थे। 30 सितंबर 2019 को वह सेवानिवृत्त हुए थे। बड़ा बेटा राघवेंद्र सिंह उर्फ राहुल बीकॉम कर रहा है, जबकि छोटा बेटा आकाश सिंह बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। दो बेटियों में दीप्ती और प्रीती की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे राघवेंद्र के मुताबिक उनकी मां का देहांत पहले ही हो चुका है। सेवानिवृत्त के बाद वह अपना मकान बनवाकर बेटों की शादी करने की तैयारी में थे लेकिन, उसके पहले ही उनकी हत्या हो गई। उनकी मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।