भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा मंगलवार को धूमधाम से परंपरागत तरीके से निकाली जाएगी। इसको लेकर सोमवार को हुई बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। रथयात्रा अपने निर्धारित मार्ग से विधि विधान से पूजन अर्चन के साथ निकलेगी। हजारों की संख्या में भक्त नंदी घोष रथ पर सवार भगवान के रथ को खीचेंगे। इसके बाद भगवान की आरती की जाएगी।
श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति ट्रस्ट प्रयागराज के सह संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया कि रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ जी का राजशाही दरबार, एरावत हाथी, भगवान गणेश, गरुण देव, शेषावतार नारायण, नरसिंह भगवान,राधा कृष्ण, इंद्रदेव, पांच पांडव, हनुमान जी महाराज, मां काली मां ,भगवान श्री कृष्ण का महारास की झांकी शामिल रहेगी।
रथयात्रा में डीजे बैंड, ध्वज पताका ,भांगड़ा एवं नगाड़ा शामिल रहेंगे और रथयात्रा अपने निर्धारित मार्ग अग्रसेन चौराहा, चमेली बाई धर्मशाला, जॉनसेनगंज, घंटाघर, लोकनाथ बहादुरगंज, राम भवन, मुट्ठीगंज, हटिया पुलिस बूथ, बांस मंडी, बलुआ घाट, कटघर से होते हुए काशी राजनगर स्थित प्रयागेश्वर मंदिर में विश्राम लेगी।
आगे बताया कि ट्रस्ट के द्वारा चल रहे कथा के अंतिम दिन आचार्य मनोज ने भगवान जगन्नाथ जी की मंदिर की रहस्यमयी कथा का वर्णन किया। भगवान जगन्नाथ जी के स्वस्थ होने पर भक्तों में खुशी रही। उन्हें लीची के जूस का भोग लगाया गया। अंत में भगवान जगन्नाथ जी की आरती की गई, जिसमें ट्रस्ट के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्ता, बसंतलाल आजाद, जयराम गुप्ता, दाऊ दयाल गुप्ता, गगन दास गुप्ता, राजेश केसरवानी, विजय वैश्य, त्रिलोकी केसरवानी, गीता गुप्ता, अमर वैश्य मुन्ना भैया, हैप्पी कसेरा आदि मौजूद रहे।