फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य : धूम्रपान नहीं करते तो अच्छा, पर नुकीले दांत हैं तो भी हो सकता मुंह का कैंसर

Sun, 01 Oct 2023 02:03 PM IST
विनोद सिंह पुनीत त्रिपाठी, प्रयागराज

सार

किसी ट्रामा, एक्सीडेंट की वजह से भी दांत नुकीले हो सकते हैं। ये मुंह में गाल व जीभ और अधिकतर मामलों में जीभ को नुकसान पहुंचाते हैं। नुकीले दांत जीभ, जबड़े और गाल सहित मुंह के अन्य हिस्सों में बार-बार चोट मारते हैं। इस कारण वह हिस्सा छाले में बदल जाता है। जिसे अल्सर कहा जाता है।

विज्ञापन
Mouth Ulcer - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर आपकी चीभ नुकीले दातों के कारण आए दिन कट रही है या फिर मुंह के अन्य जगहों पर घाव हो रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि ऐसा न करने पर मुंह का कैंसर हो सकता है। कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल व स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में हर साल इस प्रकार के 150 से 200 मामले आ रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी हर साल नुकीले दांतों के कारण मुंह का कैंसर होने के लगभग 200 मामले आ रहे हैं।

विज्ञापन


विशेषज्ञों की मानें तो अक्सर लोग मुंह में नुकीले दांतों के कारण होने वाले घाव को नजरअंदाज करते हैं। मगर बाद में यही घाव मुंह के कैंसर का कारण बनते हैं। इसके अलावा जो लोग खट्टे खाद्य पदार्थ जैसे कच्ची इमली आदि का सेवन ज्यादा करते हैं और सामान्य टूथपेस्ट पेस्ट के बजाय खुदरे टूथपेस्ट का प्रयोग करते हैं, साथ ही अच्छी अच्छी ब्रशिंग टेक्निक का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के दांतों के सामने और पीछे का हिस्सा घिसता है और दांत नुकीले हो जाते हैं।
 

वहीं ऐसे लोग, जिन्हें एसिडिटी व गेस्ट्रोइनट्राएटिस संबंधी बीमारी होती है, उनके मुंह में गैस एसिड के रूप में आती है। यह एसिड दांतों को प्रभावित करता है और दांत नुकीले हो जाते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें कुछ चबाने की आदत है, जैसे गुटका, खैनी, तंबाकू आदि उनके दांत भी नुकीले हो सकते हैं। किसी ट्रामा, एक्सीडेंट की वजह से भी दांत नुकीले हो सकते हैं। ये मुंह में गाल व जीभ और अधिकतर मामलों में जीभ को नुकसान पहुंचाते हैं। नुकीले दांत जीभ, जबड़े और गाल सहित मुंह के अन्य हिस्सों में बार-बार चोट मारते हैं। इस कारण वह हिस्सा छाले में बदल जाता है। जिसे अल्सर कहा जाता है।

रात में ब्रश करने के बजाय गुनगुने पानी से करें कुल्ला

अक्सर कहा जाता है कि रात में सोने से पहले ब्रश करना चाहिए। ऐसे में बहुत से लोग खाना-खाने के तुरंत बाद ब्रश करते हैं। वहीं, दंत चिकित्सकों के अनुसार खाना खाने के कम से कम आधे घंटे बाद ब्रश करना चाहिए। इसके अलावा ब्रश करने के बजाय गुनगुने पानी में हल्का नमक डालकर कुल्ला करना ज्यादा कारगर है।

40 की उम्र पार करने वालों में अधिक होती समस्या

जो लोग 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके होते हैं, उनमें नुकीले दांतों की समस्या अधिक देखने को मिलती है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि नुकीले दांतों की समस्या बच्चों को नहीं हो सकती, लेकिन उनमें यह समस्या काफी कम पाई जाती है। इसका कारण है कि वयस्कों में ही एसिडिटी की समस्या देखने को मिलती है, साथ ही वे खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करते हैं। इसके अलावा गलत तरीके से दांत मांजने या गलत तरह के टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने के कारण भी वयस्कों को यह समस्या होने की संभावना ज्यादा रहती है।

विज्ञापन

दांत नुकीले होने के कई कारण हैं, जिनमें से अधिक ब्रश करना, एसिडिटी की समस्या और बढ़ती उम्र प्रमुख हैं। लोगों को चाहिए कि वे अपने दांतों का ख्याल रखें। - डॉ. आनंद सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, दंत विभाग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज

अगर दांत एक बराबर नहीं हैं और मुंह में बार-बार घाव हो रहा है या फिर छाले पड़ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि देर करने पर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। -  डॉ. प्रशस्त मिश्रा, डेंटिस्ट

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें