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प्रयागराज : छात्रों को ईद के दिन कुर्ता पायजामा और जालीदार टोपी पहनने का फरमान जारी करने का मामला गरमाया

Sun, 08 May 2022 07:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

विहिप गौरक्षा विभाग के प्रमुख पदाधिकारियों की रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर जारी बाजार में हुई बैठक में न्याय नगर पब्लिक स्कूल हवेलिया झूंसी का मामला छाया रहा। प्रधानाध्यापिका की तत्काल गिरफ्तारी व स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की गई।
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विश्व हिंदू परिषद - फोटो : Social Media
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विस्तार
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न्याय नगर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य के द्वारा छात्रों को ईद के दिन कुर्ता, पजामा और जालीदार टोपी पहनकर फोटो और वीडियो अपलोड करने के फरमान पर राजनीति तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद की बैठक में आरोपी प्रधानाचार्य को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता है तो विहिप के कार्यकर्ता इसकी शिकायत सीएम योगी से करेंगे। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद प्रशासन प्रधानाचार्य को बचाने का प्रयास कर रहा है और मामले की लीपापोती की कोशिश की जा रही है।

 

 

विहिप गौरक्षा विभाग के प्रमुख पदाधिकारियों की रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर जारी बाजार में हुई बैठक में न्याय नगर पब्लिक स्कूल हवेलिया झूंसी का मामला छाया रहा। प्रधानाध्यापिका की तत्काल गिरफ्तारी व स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की गई।

 

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ईद के दिन छात्रों को कुर्ता, पायजामा, जालीदार टोपी पहनकर फोटो व वीडियो अपलोड करने का फरमान जारी किया गया था। इसको लेकर विहिप गौरक्षा प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी द्वारा मामला भी दर्ज कराया गया है। गौरक्षा प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों के बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने की धमकी देने के साथ कुछ लोगों को पैसे का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में बयान दिलाकर अपना बचाव किया जा रहा है। ईद के दिन ही अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती थी उस पर किसी भी प्रकार का कार्यक्रम विद्यालय द्वारा नहीं आयोजित किया गया।

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बच्चों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप
 
कर्नाटक में हिजाब के नाम पर अशांति फैलाने की कोशिश की गई। ठीक उसी प्रकार उत्तर प्रदेश मैं कुर्ता, पजामा व जालीदार टोपी पहनने का तूगलकी फरमान जारी कर अशांति फैलाने की कोशिश की गई। विद्यालय में सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के बच्चे पढ़ते हैं, वहां ऐसा तुगलकी फरमान जारी कर बच्चों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित नहीं किया जा सकता।
 
कहा कि गिरफ्तारी के साथ स्कूल के फंडिंग की जांच कराकर मान्यता समाप्त की जानी चाहिए। यदि प्रशासन ने कार्रवाई न की तो धार्मिक उन्माद फैलाने की दोषी प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलकर प्रशासनिक लीपापोती की भी जांच कराई जाएगी। इस मौके पर राहुल पांडेय, मयंक जायसवाल, मान साहब, बबलू सोनी, शिवम पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
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