पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड हुमैद उर रहमान हफ्ते भर पहले तक शहर में ही था। वह लोगों से मिलता जुलता रहा और इधर उधर घूमता रहा। लेकिन एंटी टेररिस्ट स्क्वाएड (एटीएस) के शहर में आने से ठीक तीन दिन पहले वह अचानक गायब हो गया। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल से लेकर यूपी एटीएस तक उसकी तलाश में जुटी है।
आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान करेली से पकड़े गए जीशान कमर और दिल्ली से पकड़े गए ओसामा से पूछताछ में हुमैद का नाम सामने आया है। यह पता चला कि हुमैद ही वह शख्स है जिसने दोनों को ओमान के मस्कट भेजकर आईएसआई एजेंटों से मिलवाया और फिर वहां से दोनों को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट पर ले जाकर ट्रेनिंग दिलवाई गई। सूत्रों का कहना है कि हुमैद हफ्ते भर पहले तक शहर में ही था। वह न सिर्फ परिवारवालों बल्कि आसपास के लोगों से भी सामान्य तरीके से मिलता जुलता रहा।
व्यापार के सिलसिले में भी उसका लोगों के बीच आना-जाना लगा रहा। लेकिन अचानक से कुछ ऐसा हुआ, जिससे सभी स्तब्ध रह गए। एटीएस के शहर में आने से ठीक तीन दिन पहले हुमैद अचानक गायब हो गया। वह बिना किसी को कुछ बताए ही कहीं चला गया। हालांकि वह कहां गया, इस बारे में किसी को कुछ पता नहीं। आखिरी बार उसे 11 सितंबर को देखा गया। परिवार के एक सदस्य ने भी इस बात की पुष्टि की। उनका कहना है कि आखिरी बार वह 11 सितंबर यानी शनिवार को हुमैद से मिले। इस दौरान उसका व्यवहार पूरी तरह सामान्य था। उसने खैरियत पूछी और इसके बाद चला गया। उस दिन के बाद से फिर दोबारा उससे मुलाकात नहीं हुई।