इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत में हाजिर लक्ष्मी नारायण कुशवाहा को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सचिव के समक्ष 20 मई (शनिवार) को पेश होने का निर्देश दिया है। कहा है, बार काउंसिल के तत्कालीन सचिव पीएन त्यागी द्वारा 2006 में जारी पहचान पत्र व अन्य दस्तावेजों के आधार पर सत्यापित करें कि क्या यह पंजीकृत अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण ही हैं या कोई और। कोर्ट ने इनका अंगूठा निशान लेकर फोरेंसिक लैब में जांच कराने और 22 मई को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 22 मई को दो बजे होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने राम नारायण की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची का कहना है कि वह राम नारायण नहीं, बल्कि लक्ष्मी नारायण है। पेशे से वकील है। उसके भाई राम नारायण की 2017 में मौत हो चुकी है। दूसरे सगे भाई ने एफआईआर दर्ज कराई कि राम नारायण खुद लक्ष्मी नारायण बनकर वकालत कर रहा है। याची का दूसरा भाई उसके साथ है।